Breast Cancer Myth: क्या परफ्यूम लगाने से होता है ब्रेस्ट कैंसर? AIIMS के डॉक्टर ने बताए इस गंभीर बीमारी से जुड़े मिथक

Breast Cancer: यह बीमारी बहुत ही आम हो चुकी है, लेकिन इससे ज्यादा इस बीमारी से जुड़े मिथक, जिन्हें लोग सच मान लेते हैं. यह मिथक क्या हैं, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं. 

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ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं की बीमारी. Image Credit- News24

Breast Cancer Symptoms: ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी बीमारी हैं जिसका शिकार ज्यादातर महिलाएं होती हैं. मगर इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि यह बीमारी पुरुषों को नहीं होती. यह इस बीमारी से जुड़ा सबसे बड़ा मिथ है, जिसे एम्स की सर्जिकल डिसिप्लिन विभाग की डॉक्टर सुहानी ने क्लियर किया है. इस बीमारी से जुड़े और भी मिथक हैं जिन्हें ज्यादातर लोग सच मान लेते हैं. आइए इस लेख में ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े मिथक के बारे में विस्तार से जानते हैं.

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ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं की बीमारी 

ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं की बीमारी 2 / 7

यह कहना ठीक नहीं है, क्योंकि यह बीमारी पुरुषों को भी हो सकती है. इस दौरान उनके चेस्ट में या उसके आसपास दर्द महसूस हो सकता है. इसे भी पढ़ें- मिर्गी का दौरा आने पर तुरंत क्या करना चाहिए? AIIMS की प्रोफेसर ने बताया मुंह में उंगली डालना नहीं बल्कि यह तरीका आएगा काम

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दर्द होने का मतलब सिर्फ कैंसर 

दर्द होने का मतलब सिर्फ कैंसर 3 / 7

यह सोचना गलत है कि सिर्फ दर्द होने पर ही कैंसर होता है. शुरुआती दौर में कई तरह के कैंसर में बिल्कुल भी दर्द नहीं होता है. बिना दर्द के शरीर में पनपने वाले लक्षण भी खतरनाक हो सकते हैं.

डिओडोरेंट और परफ्यूम से कैंसर होना 

डिओडोरेंट और परफ्यूम से कैंसर होना 4 / 7

यह एक तरह का मिथ है, क्योंकि ऐसा कुछ नहीं होता. एक्सपर्ट ने बताया है कि डिओडोरेंट लगाने से ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क नहीं बढ़ता. इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है.

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ब्रेस्ट कैंसर का फैमिली हिस्ट्री से कनेक्शन 

ब्रेस्ट कैंसर का फैमिली हिस्ट्री से कनेक्शन 5 / 7

अगर आपके घर या परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको भी नहीं होता. ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण अचानक नजर आते हैं, जिनका फैमिली हिस्ट्री से कोई कनेक्शन नहीं है.

ब्रेस्ट में दर्द का होने का मतलब कैंसर 

ब्रेस्ट में दर्द का होने का मतलब कैंसर 6 / 7

ज्यादातर बार दर्द पीरियड्स, हार्मोन, टाइट ब्रा या सिस्ट की वजह से होता है. कैंसर में दर्द कम ही होता है. फिर भी अगर दर्द के साथ गांठ या कोई बदलाव है तो डॉक्टर को दिखाएं.

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ब्रेस्ट में गांठ होना कैंसर का संकेत 

ब्रेस्ट में गांठ होना कैंसर का संकेत 7 / 7

ब्रेस्ट में कई तरह की गांठ हो सकती हैं. इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि यह कैंसर हैं. ज्यादातर गांठ नॉन-कैंसरस होती हैं जैसे सिस्ट, फाइब्रोडेनोमा आदि. हालांकि, आपको नई गांठ दिखे तो तुरंत डॉक्टर से चेक कराना जरूरी है. इसे भी पढ़ें- खाना खाने के बाद नींद क्यों आती है? एक्सपर्ट से जानिए इसके पीछे की वजह अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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