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Breast Cancer Symptoms: ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी बीमारी हैं जिसका शिकार ज्यादातर महिलाएं होती हैं. मगर इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि यह बीमारी पुरुषों को नहीं होती. यह इस बीमारी से जुड़ा सबसे बड़ा मिथ है, जिसे एम्स की सर्जिकल डिसिप्लिन विभाग की डॉक्टर सुहानी ने क्लियर किया है. इस बीमारी से जुड़े और भी मिथक हैं जिन्हें ज्यादातर लोग सच मान लेते हैं. आइए इस लेख में ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े मिथक के बारे में विस्तार से जानते हैं.
दर्द होने का मतलब सिर्फ कैंसर

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यह सोचना गलत है कि सिर्फ दर्द होने पर ही कैंसर होता है. शुरुआती दौर में कई तरह के कैंसर में बिल्कुल भी दर्द नहीं होता है. बिना दर्द के शरीर में पनपने वाले लक्षण भी खतरनाक हो सकते हैं.
डिओडोरेंट और परफ्यूम से कैंसर होना

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यह एक तरह का मिथ है, क्योंकि ऐसा कुछ नहीं होता. एक्सपर्ट ने बताया है कि डिओडोरेंट लगाने से ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क नहीं बढ़ता. इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है.
ब्रेस्ट कैंसर का फैमिली हिस्ट्री से कनेक्शन

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अगर आपके घर या परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको भी नहीं होता. ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण अचानक नजर आते हैं, जिनका फैमिली हिस्ट्री से कोई कनेक्शन नहीं है.
ब्रेस्ट में दर्द का होने का मतलब कैंसर

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ज्यादातर बार दर्द पीरियड्स, हार्मोन, टाइट ब्रा या सिस्ट की वजह से होता है. कैंसर में दर्द कम ही होता है. फिर भी अगर दर्द के साथ गांठ या कोई बदलाव है तो डॉक्टर को दिखाएं.
ब्रेस्ट में गांठ होना कैंसर का संकेत

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ब्रेस्ट में कई तरह की गांठ हो सकती हैं. इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि यह कैंसर हैं. ज्यादातर गांठ नॉन-कैंसरस होती हैं जैसे सिस्ट, फाइब्रोडेनोमा आदि. हालांकि, आपको नई गांठ दिखे तो तुरंत डॉक्टर से चेक कराना जरूरी है.
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