पूरे 4 महीने तक साजिश रची गई, पल-पल की मूवमेंट ट्रैक की गई और आखिरकार नडियाद रेलवे स्टेशन पर 3.75 करोड़ रुपये का 2.90 किलो लूट लिया गया. बदमाशों को लगा कि उनका मास्टरप्लान पूरी तरह कामयाब हो चुका है, लेकिन गुजरात पुलिस ने महज 3 घंटे के भीतर फिल्मी स्टाइल में उनका सारा प्लान ध्वस्त कर चारों लुटेरों को धर दबोचा.
क्या है मामला?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस सनसनीखेज लूट का मास्टरमाइंड पीड़ित कंपनी ग्रो मोर बुलियन का ही एक पूर्व कर्मचारी सावन चौधरी था. उसने 4 महीने पहले नौकरी छोड़ी और अपने तीन साथियों के साथ मिलकर इस मेगा डकैती की प्लानिंग शुरू की. ट्रेन की ऑनलाइन लोकेशन से लेकर व्यापारी के रूट तक की पल-पल की जानकारी जुटाकर शनिवार को नडियाद स्टेशन के ओवरब्रिज पर धक्का देकर सोने से भरा बैग लूट लिया गया. लूट के तुरंत बाद पीड़ित व्यापारी ने भागते बदमाशों की कार की फोटो खींचकर पुलिस को अलर्ट कर दिया. इसके बाद अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस, एलसीबी और रेलवे पुलिस ने राज्यभर में नाकाबंदी कर दी. बदमाशों का 4 महीने का प्लान पुलिस की 3 घंटे की सटीक घेराबंदी के आगे ताश के पत्तों की तरह ढह गया.
पुलिस ने धर दबोचा
सचाणा-वीरमगाम रोड पर जब बदमाशों की टियागो कार को पुलिस ने घेरा, तो उन्होंने पुलिस की गाड़ी में टक्कर मारकर रिवर्स में भागने की कोशिश की. जांबाज पुलिस अफसर इंस्पेक्टर एस. ए. गढ़वी ने जान की बाजी लगाते हुए चलती कार का दरवाजा पकड़ लिया. बदमाश उन्हें करीब 500 मीटर तक घसीटते हुए ले गए, लेकिन इंस्पेक्टर ने कार के अंदर हाथ डालकर इमरजेंसी हैंडब्रेक खींच दिया और गाड़ी को रोक लिया. गाड़ी रुकते ही पुलिस ने चारों आरोपियों को दबोच लिया. बलेनो कार के सीट कवर के अंदर छिपाया गया पूरा 2.90 किलो सोना, वारदात में इस्तेमाल दोनों कारें और नकदी बरामद कर ली गई हैं. 4 महीने की मेहनत से रचा गया डकैती का प्लान महज 3 घंटे में पुलिस की बहादुरी के आगे पूरी तरह नाकाम साबित हुआ.