कोविड का नया वेरिएंट सेहत के लिए कितना खतरनाक, क्या 'सिकाडा' से भारत को खतरा?

New COVID Variant Cicada: दुनिया में इन दिनों कोविड का नया वेरिएंट BA.3.2 सिकाडा फैल रहा है, भले ही अभी तक यह गंभीर नहीं है, लेकिन विशेषज्ञ निगरानी रखने की सलाह देते हैं. भारत में अभी तक कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है, इसलिए सतर्कता बरती जा रही है.

new COVID variant
1 / 6

दुनिया अभी पुरानी महामारी के सबसे बुरे दौर से उबर ही रही थी कि इसी बीच कोविड का एक नया वेरिएंट फिर चर्चा में आया है. BA.3.2 नाम से जाने जाने वाले इस वेरिएंट को अनौपचारिक रूप से 'सिकाडा' कहा गया है जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगा है. हेल्थ अफसर अलर्ट हो गए हैं.

विज्ञापन

क्या है सिकाडा?

क्या है सिकाडा?2 / 6

कोविड के इस नए वेरिएंट का नाम 'सिकाडा' इसलिए रखा गया है क्योंकि उनका व्यवहार सिकाडा नाम के कीड़े से मिलता जुलता है जो कई वर्षों तक जमीन के नीचे छिपे रहने के बाद लाखों की संख्या में अचानक सामने आता है. साल 2022 की शुरुआत से यह शांत है. 2024 के अंत में पहली बार यह वेरिएंट दक्षिण अफ्रीका में दिखा था, अब यह अचानक यूरोप और अमेरिका में तेजी से फैलने लगा है.

विज्ञापन

अमेरिका के 25 राज्यों में मिला वेरिएंट

अमेरिका के 25 राज्यों में मिला वेरिएंट3 / 6

सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और प्रीवेंशन (CDC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह वेरिएंट संयुक्त राज्य अमेरिका के कम से कम 25 राज्यों में अपशिष्ट जल के नमूनों में पाया गया है. इसके सबसे ज्यादा मामले फ्लोरिडा, कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों में मिले हैं. जापान, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और केन्या सहित 20 से अधिक देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं. हालांकि अभी इससे कोई दहशत नहीं फैली है, लेकिन वैज्ञानिक इस पर सावधानीपूर्वक नजर रखे हुए हैं.

वायरस के 70 से 75 म्यूटेशन

वायरस के 70 से 75 म्यूटेशन4 / 6

यूरोप के कुछ हिस्सों में, इस प्रकार के संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय हिस्सेदारी देखी गई है, हालांकि अमेरिका में इसकी उपस्थिति फिलहाल अपेक्षाकृत सीमित है. वैज्ञानिकों ने BA.3.2 को वायरस का अत्यधिक उत्परिवर्तित संस्करण बताया है. इसके 70 से 75 म्यूटेशन इसे अब तक के सबसे ज्यादा म्यूटेशन वाले वेरिएंट्स में से एक बनाते हैं. इसके फैलने के पैटर्न को देखते हुए इसे वैज्ञानिकों ने 'सिकाडा' नाम दिया है. यह एक पुरानी BA.3 शाखा से आता है जो पहले विलुप्त हो चुकी थी.

विज्ञापन

ओमिक्रॉन वेरिएंट से मिलते हैं लक्ष्ण

ओमिक्रॉन वेरिएंट से मिलते हैं लक्ष्ण5 / 6

डॉक्टरों का कहना है कि इसके लक्षण पहले के ओमिक्रॉन वेरिएंट से काफी हद तक मिलते-जुलते हैं. हालांकि, कई मरीज गले में अधिक गंभीर खराश की शिकायत कर रहे हैं. अभी तक इस प्रकार के संक्रमण से गंभीर बीमारी के मामले व्यापक रूप से सामने नहीं आए हैं. सामान्य लक्षणों में बुखार और ठंड लगना, लगातार खांसी, थकान और शरीर में दर्द, नाक बहना या नाक बंद होना, स्वाद या गंध का चले जाना, मतली या दस्त शामिल

कोविड-19 से कितना खतरनाक?

कोविड-19 से कितना खतरनाक?6 / 6

फिलहाल, इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है कि कोविड-19 से BA.3.2 अधिक गंभीर बीमारी है. अभी तक ऐसी कोई बड़ी रिपोर्ट सामने नहीं आई है, जिससे भारत में BA.3.2 के व्यापक प्रसार का संकेत मिले. हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि निगरानी प्रणालियों को सतर्क रहना चाहिए. भारत अतीत में कई बार इस बीमारी की लहरों का सामना कर चुका है, लेकिन नए वेरिएंट पर कड़ी निगरानी की जा रही है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन