NEET पेपर लीक मामले को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र प्रदर्शनकारियों के लिए बिहार सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने बड़ा दिल दिखाते हुए आंदोलन के दौरान छात्रों और आम लोगों पर दर्ज पुलिस मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है. इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों को भी जल्द से जल्द रिहा किया जाएगा. गौरतलब है कि पटना समेत राज्यभर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें देखने को मिली थीं. पुलिस ने उपद्रव और धारा 144 के उल्लंघन में सैकड़ों छात्रों पर मामले दर्ज किए थे.
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बिहार सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, आंदोलनकारियों के हित में 4 बड़े वादे और ऐलान किए गए हैं:
- मुकदमों से मिलेगी राहत: 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक बिहार में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई सख्त, दंडात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
- FIR और नोटिस होंगे रद्द: 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज की गई सभी एफआईआर (FIR), शिकायतें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी.
- गिरफ्तार लोगों की होगी रिहाई: तय समय सीमा (26 जुलाई शाम 6 बजे) से पहले दर्ज मामलों के तहत जिन भी छात्रों या प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया या जेल भेजा गया है, उन्हें जल्द से जल्द छोड़ा जाएगा.
- भविष्य में भी कार्रवाई नहीं: सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से पहले दर्ज मामलों में नामजद लोगों के खिलाफ भविष्य में भी इन मामलों को लेकर कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी.
सरकार के इस कदम से राज्य भर के हजारों छात्रों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है. प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
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