---विज्ञापन---

बिहार angle-right

बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ एक्शन

Bihar Bandh AK-47 Firing: बिहार में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग का विवाद गहराता जा रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठे तो बिहार पुलिस ने गन का इस्तेमाल करने वाले पुलिसकर्मी पर एक्शन ले लिया. वीडियो वायरल होन के बाद पुलिस विभाग विपक्षी दलों के निशाने पर आ गया था.

---विज्ञापन---

CJP के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में बिहार बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी पर गाज गिरी है. सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने कार्रवाई की है और पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. AK-47 से प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी की पहचान अभिषेक पटेल के रूप में हुई है, जो SIT में तैनात है. लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान उसके एक्शन का वीडियो वायरल होने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई.

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई थी झड़प

बता दें कि बिहार में राज्यव्यापी बंद के दौरान 25 जुलाई को छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए थे. इस दौरान कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आईं. इस दौरान सीवान जिले में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ AK-47 राइफल से फायरिंग का वीडियो सामने आया, जो खूब वायरल हुआ. बिहार पुलिस मुख्यालय ने पुलिस कांस्टेबल के वायरल वीडियो पर स्वत: संज्ञान लिया और पुलिसकर्मी की पहचान करके उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया.

---विज्ञापन---

तेजस्वी यादव ने उठाई थी एक्शन लेने की मांग

बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने वीडियो अपने X हैंडल पर शेयर करके पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि पुलिस ने छात्रों पर सीधे गोलीबारी की और इसके लिए AK-47 का इस्तेमाल किया गया. जब 7 हत्याओं का आरोपी मुख्यमंत्री बन जाता है, तब लोकतंत्र में पुलिस निर्दोष छात्रों पर इस तरह गोलियां चलाती है. दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. वीडियो में देख सकते हैं कि किस तरह गोलियां चलाई जा रही हैं.

14 दिनों के लिए जेल भेजे गए तेज प्रताप यादव, आखिर क्यों हुई गिरफ्तारी? जानिए पूरा मामला

---विज्ञापन---

लोकसभा में राहुल गांधी ने उठाया था यह मुद्दा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मुद्दे को उठाया था और कहा कि हर जगह पुलिस का यही पैटर्न देखने को मिल रहा है. दिल्ली पुलिस ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पैलेट गन से फायरिंग की और बिहार पुलिस ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई. पुलिस की जम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना है, न की कानून को अपने हाथ में लेना. अगर पुलिस वाले ही इस तरह से नियमों का उल्लंघन करेंगे तो आम जनता से कानून व्यवस्था बनाए रखने की उम्मीद कैसे करें?

बता दें कि 25 जुलाई को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के समर्थन में बिहार बंद बुलाया गया था. राज्यव्यापी बंद के दौरान प्रदेश के हजारों छात्र एकजुट होकर गांधी मैदान की ओर बढ़े. प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे कि पुलिस के साथ झड़प हो गई और स्थिति बिगड़ गई.

---विज्ञापन---

First published on: Jul 27, 2026 01:30 PM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ है। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola