बराज के 25 गेट खुले, आएगा 6 लाख क्यूसेक पानी, बिहार में कोसी के रौद्र रूप से जल प्रलय का खतरा

Kosi River Flood Alert: नेपाल में मूसलाधार बारिश और चक्रवाती दबाव के कारण कोसी नदी में भारी उफान की आशंका से हाई अलर्ट जारी किया गया है. वीरपुर बराज से अगले 24 से 48 घंटों में 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 25 फाटक खोल दिए हैं. सुपौल, सहरसा, खगड़िया और नवगछिया के निचले इलाकों में लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर ग्रामीणों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

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वीरपुर बराज से अगले 24 से 48 घंटों में 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 25 फाटक खोल दिए हैं. Credit: X (SCREENGRAB)

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Kosi River Flood Alert: उत्तर बिहार में ‘शोक’ कही जाने वाली कोसी नदी एक बार फिर विनाशकारी रूप लेने की कगार पर है. नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती दबाव के चलते कोसी नदी का जलस्तर अनियंत्रित रूप से बढ़ रहा है. जल संसाधन विभाग ने कोसी बेसिन में हाई अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर वीरपुर बराज से 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा सकता है.

कोसी बराज पर जलस्राव तेजी से बढ़ रहा है. गुरुवार शाम जहां डिस्चार्ज 1.77 लाख क्यूसेक था, वहीं शुक्रवार सुबह 9 बजे यह बढ़कर 1.90 लाख क्यूसेक को पार कर गया. बराज के ढांचे पर बढ़ते भारी दबाव को कम करने के लिए कुल 56 में से 25 फाटकों को खोल दिया गया है. बाढ़ नियंत्रण वीरपुर के मुख्य अभियंता ई. संजीव शैलेश के अनुसार, बराज को सुरक्षित रखने के लिए बीच के फाटकों से पानी को डाउनस्ट्रीम में निकाला जा रहा है.

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तटबंधों पर इंजीनियरों का 24 घंटे पहरा

यदि 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, तो तटबंधों पर दशकों बाद इतना भीषण दबाव बनेगा. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी कोसी तटबंध पर इंजीनियरों की टीमें 24 घंटे तैनात कर दी गई हैं. सहरसा के कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि तटबंध के अतिसंवेदनशील बिंदुओं (96.60 किमी, 101.23 किमी और 103.30 किमी) पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. कटाव रोकने के लिए लाखों बालू की बोरियों और बोल्डर क्रेट्स का भंडारण पहले ही कर लिया गया है. सुपौल के मरौना में प्रशासनिक अधिकारियों ने 17.20 किमी स्पर समेत पूरे तटबंध का मुआयना किया.

चार जिलों में महा-अलर्ट, तटबंधों पर पहरा

बाढ़ की आशंका से सुपौल, सहरसा, खगड़िया और नवगछिया के निचले इलाकों में दहशत का माहौल है. प्रशासन लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर ग्रामीणों से अपील कर रहा है कि वे समय रहते अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों, तटबंधों और राहत शिविरों में चले जाएं. लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर निकलने लगे हैं. संवेदनशील तटबंधों मरौना के 17.20 किमी, और चन्द्रायण डिविजन के 96.60, 101.23 व 103.30 किमी पर इंजीनियरों की टीम 24 घंटे तैनात कर दी गई है. कटाव से निपटने के लिए बालू भरे बोरे,

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जियो बैग्स और बोल्डर तैयार रखे गए हैं. सहरसा के महिषी और नवहट्टा अंचल में अधिकारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश मिला है. आपात स्थिति के लिए नावें अधिग्रहित की जा रही हैं और लोगों को प्लास्टिक शीट्स बांटी जा रही हैं.

200 परिवार पहले से बेघर, अब फिर सताया डर

हालिया कटाव में सुपौल के सत्तौर पंचायत (नारायणपुर और बिरजाईन) में करीब 200 परिवार अपने घर खो चुके हैं. जलस्तर घटने से लोगों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन 6 लाख क्यूसेक के इस नए अलर्ट ने तटबंध के भीतर रहने वालों की नींद फिर उड़ा दी है.

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खगड़िया में 36 घंटे बाद पहुंचेगा पानी

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-2 खगड़िया के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि बराज का पानी खगड़िया पहुंचने में लगभग 36 घंटे लगेंगे. इससे यहां जलस्तर 1 से 1.5 मीटर तक बढ़ सकता है. कोसी और बागमती के तटबंधों पर बने सभी 7 सुरक्षा कैंप सक्रिय कर दिए गए हैं, जहां 120 बांध श्रमिक और अभियंता तैनात हैं. प्रशासन ने कहा है कि तैयारियां पूरी हैं और घबराने की जरूरत नहीं है, बस निचले इलाकों के लोग सतर्क रहें.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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