'शोले के ठाकुर जैसा बेबस', ईरान ने मीम शेयर कर उड़ाया UN का मजाक; US से जंग के बीच कसा तीखा तंज

Iran Mock United Nations: पर्शियन गल्फ में ईरान और अमेरिका के बीच टेंशन जारी है, ऐसे में ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ ने यूनाइटेड नेशंस पर गहरा तंज कसा है. एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया है कि यूएन के बारे में जैसा बताया जाता है, असल में हकीकत उससे उलट है.

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Iran Uses Sholay Thakur Meme to Mock UN: भारत में ईरान के दूतावास ने बड़े अंतरराष्ट्रीय झगड़ों के दौरान यूनाइटेड नेशंस की सीमित काम करने की क्षमता की आलोचना करने के लिए बॉलीवुड के ह्यूमर का सहारा लिया है. गौरतलब है कि पिछले कुछ वक्त से मिडिल ईस्ट में टेंशन भरे हालात हैं, इजरायल और अमेरिका का ईरान से तकरार चल रही है, ऐसे में इस्लामिक रिपब्लिक ने यूएन पर तंज कसा है.

ईरान के UN मीम में ‘शोले’ का जिक्र

एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी दूतावास ने एक मीम शेयर किया जिसमें यूनाइटेड नेशन की आदर्श छवि और असल दुनिया के संकटों में उसकी सीमाओं के बीच फर्क दिखाया गया. पहले हिस्से में मार्वल के ‘डॉक्टर स्ट्रेंज’ को कई हाथों के साथ दिखाया गया और उन्हें ‘स्कूल की किताबों के मुताबिक UN’ बताया गया. दूसरे पैनल में 1975 की बॉलीवुड क्लासिक फिल्म ‘शोले’ के ठाकुर बलदेव सिंह (दिग्गज एक्टर संजीव कुमार का किरदार) को दिखाया गया, जिसके साथ कैप्शन था ‘असलियत में UN’. गौरतलब है कि इस फिल्म में ठाकुर के दोनों हाथ कट जाते हैं और वो लाचार हो जाता है.

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मीम का मकसद क्या?

इस विजुअल तुलना का मकसद ये दिखाना था कि भले ही यूनाइटेड नेशंस को अक्सर कई ग्लोबल क्राइसिस से निपटने में केपेबल दिखाया जाता है, लेकिन असल में दखल देने की उसकी ताकत बहुत सीमित हो सकती है. दूतावास ने पोस्ट में UN के किसी खास प्रस्ताव या कार्रवाई का जिक्र नहीं किया. हालांकि ये मीम ऐसे वक्त में आया है जब ताकतवर देशों से जुड़े झगड़ों से निपटने में इस वैश्विक संस्था की असर पर चर्चा चल रही है.

‘मीम डिप्लोमेसी’ का बढ़ता इस्तेमाल

ये पोस्ट ईरान के डिजिटल डिप्लोमैटिक कम्युनिकेशन में एक बड़े बदलाव को भी दिखाता है. ईरानी दूतावास और ऑफिशियल अकाउंट ऑनलाइन राजनीतिक संदेश देने के लिए मीम, ह्यूमर, पॉप कल्चर और एआई-जनरेटेड कंटेंट का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं.

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‘इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ की रिसर्च के मुताबित यूएस-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद ईरानी डिप्लोमैटिक और ऑफियल सोशल-मीडिया अकाउंट्स पर एंगेजमेंट में तेजी से बढ़ोतरी हुई. शुरुआती 50 दिनों में, मॉनिटर किए गए अकाउंट्स को लगभग 896 मिलियन व्यूज मिले, जबकि उससे पहले के 50 दिनों में ये संख्या तकरीबन 55 मिलियन थी.

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ईरानी मिशनों ने ऑनलाइन मैसेजिंग में भी तालमेल बिठाया है. जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की बात कही, तो जिम्बाब्वे में ईरान के दूतावास ने जवाब दिया, ‘हमने चाबियां खो दी हैं,’ जिसके बाद दूसरे मिशनों ने भी इस मजाक को आगे बढ़ाया. रिसर्चर ने इस तरीके को ‘मीम ड्रिवेन स्टेटक्राफ्ट’ (मीम-आधारित कूटनीति) कहा है, जिससे तेहरान मुश्किल जियोपॉलिटिकल मैसेज को ऐसे फॉर्मेट में पेश कर पाता है जो तेजी से सोशल-मीडिया पर शेयर और एंगेजमेंट के लिए डिजाइन किया गया है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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