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अगर आप अपनी कार या गाड़ी से नेशनल हाईवे (National Highway) पर लगातार सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आई है. अब आपको टोल प्लाजा पर लंबी-लंबी लाइनों में लगने और अपनी बारी का इंतजार करने से हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में ऐलान किया है कि मार्च 2027 तक देश के सभी टोल प्लाजा पूरी तरह से बैरियर-फ्री (Barrier-Free) कर दिए जाएंगे. यानी अब आपकी गाड़ी बिना रुके तेजी से टोल से गुजर जाएगी और पैसे अपने-आप कट जाएंगे. आइए जानते हैं कि यह नई व्यवस्था कैसे काम करेगी और इससे आपको क्या-क्या फायदे होंगे.
बिना रुके कैसे कटेगा टोल?

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अभी टोल प्लाजा पर बैरियर लगे होते हैं, जो फास्टैग स्कैन होने के बाद खुलते हैं. लेकिन नए सिस्टम में टोल प्लाजा पर बैरियर हटा दिए जाएंगे और वहां ऑटोमैटिक नंबर-प्लेट रीड करने वाले हाई-स्पीड कैमरे लगाए जाएंगे. जैसे ही आपकी गाड़ी टोल से गुजरेगी, कैमरे आपकी नंबर प्लेट और फास्टैग को तुरंत रीड कर लेंगे और पैसे अपने-आप आपके खाते से कट जाएंगे. आपको गाड़ी धीमी करने या रोकने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी.
चलते-चलते ही ट्रकों का हो जाएगा वजन!

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सड़कों पर ओवरलोड ट्रकों की वजह से अक्सर हादसे होते हैं और सड़कें जल्दी टूट जाती हैं. इसे रोकने के लिए सरकार वे-इन-मोशन (Weigh-in-Motion) तकनीक ला रही है. इसके तहत हाईवे की सड़क पर ही ऐसे सेंसर लगे होंगे, जो ट्रक के गुजरते ही उसका सही वजन माप लेंगे. अगर ट्रक ओवरलोड हुआ, तो सीधे उसका ऑनलाइन चालान कट जाएगा. यानी अब ओवरलोडिंग करने वालों की चालाकी नहीं चलेगी.
इससे आम चालकों को क्या फायदा होगा?

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पेट्रोल-डीजल की बचत: टोल पर गाड़ी खड़ी रखकर इंजन चालू रखने से जो ईंधन बर्बाद होता था, अब उसकी बचत होगी. टोल पार करने का समय बिल्कुल खत्म (जीरो) हो जाएगा. नितिन गडकरी के मुताबिक, टोल पर 10 सेकंड से ज्यादा का वेटिंग टाइम नहीं होना चाहिए. सामान ले जाने वाले ट्रकों और कमर्शियल गाड़ियों का समय बचेगा, जिससे देश में सामान पहुंचाना (Logistics) सस्ता और तेज होगा.
नितिन गडकरी ने कहा पैसों की कमी नहीं

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केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि देश में हाईवे बनाने के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है. NHAI के बॉन्ड आते ही कुछ ही घंटों में बिक जाते हैं, जो दिखाता है कि लोगों को भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना भरोसा है.