PF withdrawal New Rule: एडवांस विड्रॉल के नियम बदले, अब कितनी बार PF निकाल सकते हैं?

New EPF Scheme 2026: EPFO ने EPF Scheme 2026 के तहत एडवांस विड्रॉल के नियम बदले हैं. जानिए बीमारी, शादी, पढ़ाई और मकान के लिए निकासी की नई फ्रीक्वेंसी और 75% की लिमिट.

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New EPF Scheme 2026: नौकरीपेशा कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा लागू की गई 'EPF Scheme 2026' के तहत पीएफ खाते से एडवांस निकालने के नए नियम क्या हैं. 29 जून 2026 से प्रभावी नए नियमों के तहत, EPFO ने जटिल 13 अलग-अलग प्रावधानों को खत्म करके एडवांस विड्रॉल को केवल 3 मुख्य श्रेणियों में समेट दिया है. अब कोई भी सदस्य 12 महीने की मेंबरशिप पूरी करने के बाद अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75% तक एडवांस निकाल सकता है, बशर्ते खाते में न्यूनतम 25% बैलेंस बरकरार रहे.

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पहले बीमारी और शादी के लिए अलग-अलग फार्म

पहले बीमारी और शादी के लिए अलग-अलग फार्म2 / 7

यह नया ढांचा "Unified Withdrawal Cap" पर काम करता है. पहले बीमारी के लिए 'पैरा 68J' और शादी के लिए 'पैरा 68K' जैसे अलग-अलग फॉर्म और नियम होते थे, जिससे क्लेम रिजेक्ट होने की दर 30% से अधिक थी. अब डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था में आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन के जरिए ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट का समय घटाकर 3 वर्किंग डेज कर दिया गया है.

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EPF Scheme 2026: निकासी श्रेणियां और फ्रीक्वेंसी लिमिट

EPF Scheme 2026: निकासी श्रेणियां और फ्रीक्वेंसी लिमिट3 / 7

पहली कैटागिरी में शिक्षा के लिए 10 बार, शादी के लिए पांच बार, बीमारी के लिए असीमित आवेदन कर सकते हैं. दूसरी कैटागिरी में आवास संबंधी जरूरतें शामिल हैं. चाहे वह प्लॉट, फ्लैट या रेडी-टू-मूव घर खरीदना हो, घर का निर्माण या होम लोन का पुनर्भुगतान, घर का रेनरेशन या सुधार कार्य हो, पूरी सर्विस के दौरान अधिकतम 5 बार इसके लिए पीएफ निकाल सकते हैं. कैटागिरी 3 में विशेष परिस्थितियां शामिल होती है, जैसे प्राकृतिक आपदा या लॉकडाउन, प्रति वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2 बार निकाल सकते हैं.

नियम और शर्तें: 75% विड्रॉल और 25% रिटेंशन पॉलिसी

नियम और शर्तें: 75% विड्रॉल और 25% रिटेंशन पॉलिसी4 / 7

नए नियमों में लचीलापन देने के साथ-साथ EPFO ने कर्मचारियों के बुढ़ापे की सुरक्षा यानी रिटायरमेंट फंड का भी ख्याल रखा है. इसी वजह से नियमों में दो कड़े फिल्टर लगाए गए हैं: 12 महीने की अनिवार्यता: पीएफ खाते से किसी भी प्रकार का एडवांस क्लेम करने के लिए सदस्य का कम से कम 12 महीने तक ईपीएफओ का सदस्य होना अनिवार्य है. 25% मिनिमम बैलेंस रूल: आप अपनी पात्रता के अनुसार अधिकतम 75% हिस्सा निकाल तो सकते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में एडवांस निकासी के बाद आपके कुल ईपीएफ बैलेंस का 25% हिस्सा खाते में ही लॉक रहेगा. इसे आप नौकरी में रहते हुए एडवांस के रूप में नहीं निकाल पाएंगे.

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क्या बीमारी के इलाज के लिए पैसे निकालने की कोई सीमा है?

क्या बीमारी के इलाज के लिए पैसे निकालने की कोई सीमा है?5 / 7

नहीं, आवश्यक जरूरतों के तहत मेडिकल ट्रीटमेंट या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए निकासी की संख्या पर कोई लिमिट नहीं लगाई गई है. सदस्य अपनी जरूरत के हिसाब से कितनी भी बार आवेदन कर सकते हैं.

पीएफ एडवांस क्लेम पास होने में कितना समय लगता है?

पीएफ एडवांस क्लेम पास होने में कितना समय लगता है?6 / 7

EPFO ने पूरी प्रक्रिया को आधार-लिंक्ड और पूरी तरह से पेपरलेस बना दिया है. नए नियमों के तहत पात्र ऑनलाइन दावों को अधिकतम 3 वर्किंग डेज (तीन कार्य दिवसों) के भीतर सेटल करने का लक्ष्य रखा गया है.

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क्या मैं घर की मरम्मत के लिए बार-बार पीएफ निकाल सकता हैं

क्या मैं घर की मरम्मत के लिए बार-बार पीएफ निकाल सकता हैं7 / 7

आवास श्रेणी के तहत घर खरीदने, बनाने, होम लोन चुकाने या मरम्मत कराने (Renovation) सभी को एक ही ब्रैकेट में रखा गया है. आप पूरी सेवा अवधि के दौरान इस पूरी कैटेगरी के तहत अधिकतम 5 बार ही निकासी कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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