जन्म से ही दोनों हाथ नहीं, फिर भी उड़ाती है जहाज; डिप्रेशन को भी टेंशन दे देगी इस लड़की की कहानी
अक्सर लोग रोजाना की चुनौतियों से परेशान होकर स्ट्रेस या डिप्रेशन की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो हर मुश्किल का सामना कर अपनी एक अलग राह बनाते हैं. एक दिव्यांग के तौर पर जन्म लेने के बाद भीख मांगकर गुजारा करना बहुत आसान है, लेकिन अपनी उसी दिव्यांगता को ताकत बनाकर इतिहास रचना कई लोगों के लिए प्रेरणा का काम करता है.

अक्सर लोग रोजाना की चुनौतियों से परेशान होकर स्ट्रेस या डिप्रेशन की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो हर मुश्किल का सामना कर अपनी एक अलग राह बनाते हैं. एक दिव्यांग के तौर पर जन्म लेने के बाद भीख मांगकर गुजारा करना बहुत आसान है, लेकिन अपनी उसी दिव्यांगता को ताकत बनाकर इतिहास रचना कई लोगों के लिए प्रेरणा का काम करता है.
हौसलों की उड़ान
2 / 9जेसिका कॉक्स (Jessica Cox) उन्हीं कुछ चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने सपनों के आगे शारीरिक कमजोरी को आड़े नहीं आने दिया. आपको जानकर हैरानी होगी कि जन्म से ही जेसिका कॉक्स के दोनों हाथ विकसित नहीं हुए, बावजूद उसके जेसिका हवाई जहाज उड़ाने में एक्सपर्ट हैं. उनके हौसलों की उड़ान कई लोगों को प्रेरित करती है.
जन्मजात कमी से सामना
3 / 91983 में अमेरिका के एरिजोना में पैदा हुईं जेसिका कॉक्स का जन्म ही बिना दोनों हाथों के हुआ. भ्रूण अवस्था में ही उनके हाथ विकसित नहीं हुए. बचपन में उन्होंने कई साल कृत्रिम अंग आजमाए, लेकिन 14 साल की उम्र में इन्हें छोड़ पैरों पर निर्भर रहने का फैसला लिया.
जिसका के लिए पैर ही बने हाथ
4 / 9बचपन से ही जेसिका ने पैरों से लिखना, टाइप करना और गाड़ी चलाना सीखा. बंदरबार जैसी सामान्य खेलकूद वाली चीजें उनके लिए दूर की कौड़ी थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जिंदगी को इस तरह ढाला कि दूसरों की नजरों से परे खुद की दुनिया बसाई.
डर के आगे जीत है...
5 / 9शुरुआत में जेसिका को उंचाई से डर लगता था, लेकिन एक छोटे विमान में सवार होते ही उनका मन बदल गया. तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद 10 अक्टूबर 2008 को उन्होंने पायलट सर्टिफिकेट हासिल किया. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें दुनिया की पहली बिना हाथों वाली लाइसेंस्ड पायलट घोषित किया.
विमान उड़ाने की अनोखी तकनीक
6 / 9जेसिका लाइट-स्पोर्ट ईआरकोप विमान उड़ाती हैं, जिसमें एक पैर कंट्रोल पर और दूसरा थ्रॉटल पर रहता है. यह विमान उनकी जरूरतों के अनुकूल था, लेकिन फिर भी उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग की. उन्होंने इंजीनियरिंग की समस्या का भी सामना किया.
ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट
7 / 9विमान के अलावा जेसिका ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुकी हैं. यह उपलब्धि उनकी शारीरिक क्षमता को दर्शाती है. वे मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी सक्रिय हैं. उनकी बातें लाखों को प्रेरित करती हैं.
फाउंडेशन के माध्यम से योगदान
8 / 9उन्होंने राइटफूटेड फाउंडेशन इंटरनेशनल की स्थापना की, जो दिव्यांग बच्चों की मदद करता है. यह संस्था विकलांगता की धारणा बदलने और समावेशिता बढ़ाने पर काम करती है.
विकलांगता कोई श्राप नहीं
9 / 9जेसिका कहती हैं कि विकलांगता कोई श्राप नहीं है. उनकी कहानी में निरंतर प्रयास, असफलता और पुन: प्रयास की मिसालें हैं. ट्रैवल एंड लेजर के 2025 प्रोफाइल में उन्होंने दुनिया की चुनौतियों पर खुलकर बात की. यह ईमानदारी उनकी लोकप्रियता का राज है.



















