
Video: पितृदोष से सावधान! परेशानियों से घिर जाएगा आपका खुशहाल जीवन, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
Edited By Aman Maheshwari

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Pitru Dosh: पितृदोष के कारण जीवन में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. पितरों के नाराज होने पर जीवन मुश्किलों से घिर जाता है. पितृदोष का सृजन दो ग्रह सूर्य और मंगल के पीड़ित होने से होता है. सूर्य का संबंध पिता से और मंगल का संबंध रक्त से होता है. सूर्य के लिए पाप ग्रह शनि, राहु केतु माने गए हैं. ऐसे में जब सूर्य का इन ग्रहों के साथ दृष्टि या युति संबंध बनता है तो सूर्य कृत पितृ दोष का निर्माण होता है. इसी प्रकार मंगल ग्रह राहु या केतु के साथ अनिष्ट स्थान में हो तो मंगल कृत पितृ दोष का निर्माण होता है. गुरु ग्रह राहु के साथ हो जाए तब भी पितृ दोष का निर्माण होता है.
कुंडली में इस प्रकार से पितृदोष बनने के कारण जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. पितृदोष के कारण घर में कलेश और अशांति बनी रहती है. परिवार के सदस्यों के बीच विवाद की स्थिति पैदा होती है. बनते हुए काम अचानक बिगड़ जाते हैं. परिवार के सदस्यों के क्रोधी स्वभाव के कारण तनाव बढ़ता है. पितृदोष के कारण संतान सुख में देरी होती है. बच्चों की शादी देर से होती है या होती ही नहीं है. इन सभी प्रकार से व्यक्ति को परेशान होना पड़ता है.
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पितृदोष से मुक्ति के लिए पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध कर्म करना चाहिए. श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों को प्रसन्न कर सकते है. आप ज्योतिष की सलाह पर कुंडली के पितृदोष को दूर करने के लिए उपाय कर सकते हैं. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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