हर डिलीवरी बॉक्स का रंग भूरा ही क्यों होता है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
Cardboard Colour History: ऑनलाइन आने वाला हर सामान हमेशा हल्के भूरे या ब्राउन रंग के डिब्बे में ही आता है? ऐसा क्यों है, अगर आपको इसके पीछे नहीं मालूम तो यह लेख मददगार साबित हो सकता है. यहां पर हम आपको इससे जुड़े फैक्ट्स साझा कर रहे हैं.

बॉक्स का रंग भूरा क्यों होता है?
2 / 6ज्यादातर शिपिंग बॉक्स में क्राफ्ट पेपर से बने कोरुगेटेड बोर्ड का इस्तेमाल होता है. क्राफ्ट पेपर लकड़ी के पल्प से बनाया जाता है और जब इसे पूरी तरह ब्लीच करके सफेद नहीं किया जाता तो इसमें मौजूद नेचुरल रंग बना रहता है. इसी वजह से पेपर हल्का भूरा या मिट्टी जैसा दिखाई देता है. इसे भी पढ़ें- फ्लाइट से पहले लोग लगेज के पहियों पर क्यों लगा रहे टेप? वजह जानकर आप भी करेंगे ट्राई
पैसों की होती है बचत
3 / 6बॉक्स को दूसरा रंग देने के लिए ब्लीच करने वाला प्रोसेस अपनाया जाता है, जिसे ब्लीचिंग कहा जाता है. इस दौरान केमिकल और दूसरी चीजों को इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लागत बढ़ जाती है. वहीं, यह बॉक्स एक बार इस्तेमाल करने के लिए बनाए जाते हैं तो इस प्रोसेस को अपनाया नहीं जाता.
मजबूती हो सकता है कारण
4 / 6डिलीवरी बॉक्स को सिर्फ देखने में अच्छा नहीं, बल्कि कोई भी सामान के लिए लिए अच्छे माने जाते हैं. रासायनिक ब्लीचिंग के प्रोसेस से कागज के रेशे कमजोर हो जाते हैं, लेकिन अनब्लिच्ड क्राफ्ट पेपर के रेशे बहुत और मोटे रहते हैं. इसलिए शिपिंग और डिलीवरी के लिए ऐसे बॉक्स बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं.
रिसाइक्लिंग से भी है कनेक्शन
5 / 6ब्राउन कार्डबोर्ड का एक फायदा यह भी है कि इस्तेमाल के बाद इसे पेपर और कार्डबोर्ड की रीसाइक्लिंग के लिए भेज दिया जाता है. हालांकि, सिर्फ बॉक्स का भूरा रंग देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि वह 100% रिसाइकिल के लिए है या नहीं. उस पर लगी टेप, कोटिंग, प्लास्टिक लेमिनेशन और दूसरी सामग्री भी मायने रखती है.
पर्यावरण के लिए भी हैं सही
6 / 6ये बॉक्स पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल और रीसाइक्लिंग प्रोसेस को ध्यान में रखते हुए बनाए जाते हैं. इनमें कम से कम केमिकल्स का इस्तेमाल होता है, इसलिए ये नेचुरल को नुकसान नहीं पहुंचाते और बॉक्स को आसानी से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें- 9 से 5 जॉब से लेकर स्कूल की घंटी तक, किसने बनाया ये पूरा सिस्टम? जानिए पूरा इतिहास