ओडिशा में मिले विदेशी लाल बाल और लंबी बाहों वाले ओरंगुटान, जानिए भारत के बंदरों से कैसे हैं अलग
ओडिशा के बालासोर जिले के एक जंगल से 5 ओरंगुटानों जाति के बंदर दिखे हैं. इसे अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी बताया गया है, क्योंकि यह दक्षिण पूर्व एशिया में ही पाए जाते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि उनकी क्या किस्म है और यह कहां पाए जाते हैं.

ओडिशा के बालासोर जिले के जंगल में इन दिनों एक ऐसी घटना ने सभी का ध्यान खींचा है, जिसने वन्यजीवों से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां पांच छोटे ओरंगुटान पाए गए हैं. ये जानवर भारत के मूल निवासी नहीं हैं और आमतौर पर दक्षिण-पूर्व एशिया के जंगलों में पाए जाते हैं. वन विभाग ने इन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है और इनके भारत पहुंचने का टेस्ट किया जा रहा है. ऐसे में आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि यह जाति कहां पाई जाती है.
लाल-भूरे बाल और लंबी बाहें हैं खास पहचान
2 / 6ओरंगुटान देखने में बंदर जैसे जरूर लगते हैं, लेकिन इनके शरीर पर आमतौर पर नारंगी या लाल-भूरे रंग के लंबे बाल होते हैं. उनकी सबसे बहुत लंबी बाहें और छोटी टांगें शामिल हैं. यही चीज उन्हें पेड़ों पर रहने में मदद करती है. इनकी बाहें इतनी लंबी होती हैं कि पेड़ों की शाखाओं के बीच खेलने में मदद मिलती है. इसे भी पढ़ें- सूखे फूलों से हवन कप्स बनाने का आसान तरीका, पूजा के बाद ऐसे करें फूलों का इस्तेमाल इसे भी पढ़ें-
भारत में नहीं पाए जाते ओरंगुटान
3 / 6भारत में कई तरह के बंदर और दूसरे प्राइमेट पाए जाते हैं, लेकिन ओरंगुटान भारत में नहीं पाए जाते. इनके घर दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्से हैं, खासकर इंडोनेशिया और मलेशिया के वर्षावन का एक हिस्सा हैं. यहां पर उनकी अलग-अलग प्रजातियां हैं.
भारत के बंदरों से कैसे अलग हैं ओरंगुटान?
4 / 6सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ओरंगुटान और भारत में पाए जाने वाले आम बंदर एक ही तरह के प्राइमेट नहीं हैं. ओरंगुटान ग्रेट एप्स हैं, जबकि भारत में पाए जाने वाले कई आम बंदर पुराने विश्व के बंदर की लिस्ट में आते हैं. इसलिए इन दोनों की बनावट में बहुत ही अंतर होता है.
ओरंगुटान की खासियत क्या है खासियत?
5 / 6ओरंगुटान की खासियत है कि इनके शरीर की बनावट पेड़ों पर रहने के लिए अच्छी मानी जाती है. इनके लंबे हाथ, मजबूत पकड़ और लाल-भूरे बाल इन्हें बाकी कई प्राइमेट से अलग पहचान देते हैं. इनके शरीर पर दिखने वाली बाहरी पूंछ भी नहीं होती.
ओरंगुटान इतने जरूरी क्यों हैं?
6 / 6ओरंगुटान एशिया के इकलौते वानर हैं और अपनी जिंदगी ज्यादातर पेड़ पर बिताते हैं. यह बहुत ही इंटेलिजेंट होते हैं. साथ ही, उनके घने लाल-भूरे बाल उन्हें दूसरे वानरों से अलग करते हैं. आप भी एक बार इन बंदरों को देखेंगे तो आपको अजीब भी लगेगा. इसे भी पढ़ें- छोटा कमरा लगेगा बड़ा, दीवारों पर करवाएं ये 7 रंग, खुला-खुला दिखेगा पूरा स्पेस



















