बिस्कुट में आखिर क्यों होते हैं छोटे-छोटे छेद? सिर्फ डिजाइन नहीं ये भी हैं पीछे की असली वजह
बिस्कुट खाते वक्त यकीनन आपका ध्यान इसके ऊपर बने छेद पर गया होगा, लेकिन कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है. अगर नहीं तो इस लेख में बताए गए साइंस से बहुत ही आसानी से डिजाइन को आसानी से समझा जा सकता है.

जब भी आप कोई बिस्कुट खरीदते हैं या खरीदकर लाते हैं तो यकीनन स्वाद के अलावा आपकी नजर इसके डिजाइन पर पड़ती होगी. बिस्कुट के अलग-अलग डिजाइन खरीदारी में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं और छेद किसी डिजाइन का हिस्सा लगते हैं. इनके पीछे बेकिंग से जुड़ी कई खास वजह हो सकती हैं. कहा जाता है कि इन होल्स को डॉकिंग होल्स भी कहा जाता है, जिसे बेकिंग के लिए बनाया जाता है.
बिस्कुट में क्यों बनाए जाते हैं ये छेद?
2 / 6जब बिस्कुट का आटा ओवन में बेक होता है तो उसमें मौजूद नमी गर्म होकर भाप में बदलती है. साथ ही आटे के अंदर मौजूद हवा गर्म होने पर फैलती है. अगर इस भाप के निकलने के लिए रास्ता न हो तो बिस्कुट बहुत ही बेकार बनते हैं. इसी समस्या को रोकने के लिए बेकिंग से पहले आटे में छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं. इसे भी पढ़ें-
डॉकिंग होल्स तकनीक का है हिस्सा
3 / 6बिस्कुट के आटे में बेकिंग से पहले इस तरह छेद करने के प्रोसेस को डॉकिंग होल्स कहा जाता है. बिस्कुट बनाने वाली कंपनियां इसके लिए खास मशीनों का इस्तेमाल करती हैं, ताकि हर बिस्कुट में छेद एक जैसी जगह पर लगाया जा सके. इसे भी पढ़ें- ऑक्टोपस ही नहीं! इन जानवरों के भी होते हैं कई दिल, शरीर की ये खासियत कर देगी हैरान
छेद बिस्कुट को फूलने से कैसे रोकते हैं?
4 / 6ओवन की गर्मी से आटे के अंदर बनने वाली भाप अगर फंस जाए तो वह आटे को ऊपर की तरफ धकेल सकती है. इससे बिस्कुट में बुलबुले बन सकते हैं और उसकी लेयर बेकार हो सकती है. इसलिए छेद के जरिए हवा बाहर निकलती रहती है और यह अच्छे से पकता रहता है.
क्रिस्पी बनता है बिस्कुट
5 / 6छेद सिर्फ शेप को बनाए रखने में ही मदद नहीं करता, बल्कि बेकिंग के दौरान मॉइस्चर को कंट्रोल करने में भी भूमिका निभाते हैं. सही तरीके से अपनाया गया तरीका बिस्कुट का स्वाद दोगुना बढ़ा सकता है.
क्या हर बिस्कुट में छेद होते हैं?
6 / 6ऐसा हर बिस्कुट के साथ नहीं होता, क्योंकि यह सामग्रियों पर निर्भर करता है. अगर बिस्कुट मैदा से बनाया जा रहा है तो इस तकनीक को फॉलो किया जा सकता है. बाकी कुकीज को बनाने के लिए ऐसा नहीं किया जाता है, क्योंकि वो आसानी से पक जाते हैं. इसे भी पढ़ें- क्या है ‘सुसाइड प्लांट’? जिसे गलती से छू लिया तो कई दिन व महीने तड़पना पड़ सकता है



















