9 से 5 जॉब से लेकर स्कूल की घंटी तक, किसने बनाया ये पूरा सिस्टम? जानिए पूरा इतिहास
School and Job System: कभी आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर 9 से 5 काम करने का रूल और हर रोज स्कूल जाने का सिलसिला कैसे शुरू हुआ, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.

सुबह एक तय समय पर उठना, बच्चों का स्कूल के लिए निकलना, ऑफिस में 9 से 5 तक काम करना और फिर शाम को घर लौटना...आज हमारी जिंदगी का यह रूटीन इतना नॉर्मल है कि अक्सर हम सोचते भी नहीं कि दिन को घंटों और तय समय में बांटने का यह सिस्टम आखिर आया कहां से? क्या स्कूल की घंटी और ऑफिस की टाइमिंग के पीछे भी क्रांति का हाथ है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
पहले काम का कोई वक्त तय नहीं था
2 / 5आज हम 9 से 5 काम करते हैं लेकिन पहले यह वक्त तय नहीं था, क्योंकि खेती और दूसरे कामों में दिनचर्या काफी हद तक मौसम, सूरज की रोशनी और इलाके पर निर्भर करता था. इसे भी पढ़ें- Belly Fat: लटकती तोंद से हैं परेशान? जानिए जिद्दी बेली फैट से कैसे मिलेगी राहत, रूटीन में करें ये छोटे बदलाव
इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन से जुड़ा है स्कूल का रूल
3 / 5आज हम जिस स्कूल जाने के सिस्टम को देखते हैं, जिसे इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के दौरान हुआ था. अमेरिकी के होरेस मैन ने शिक्षा के विकास में अहम भूमिका निभाई. इस जरूरत को पूरा करने के लिए एक ऐसा एजुकेशन सिस्टम तैयार किया गया.
8 घंटे के काम का विचार किसने दिया?
4 / 5यहां नाम आता है रॉबर्ट ओवेन का, जिसे वेल्श समाज सुधारक और उद्योगपति ओवेन ने 19वीं सदी की शुरुआत में काम, आराम और नींद के बीच बैलेंस की वकालत की. 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे नींद... ओवेन ने अपने न्यू लैनार्क मिल में काम की कंडीशन और बच्चों के काम के घंटों को कम करने की कोशिश भी की.
पहले 12 घंटे करते थे काम
5 / 5औद्योगिक क्रांति के शुरुआती दौर में फैक्ट्री मजदूरों के काम के घंटे आज की तुलना में काफी लंबे होते थे. कई जगहों पर मजदूरों से रोजाना 12 घंटे या उससे ज्यादा काम कराया जाता था. लंबे काम के घंटों और खराब के खिलाफ बाद में श्रमिक आंदोलनों ने काम के समय को करने की मांग तेज की. इसे भी पढ़ें- Work From Home से मेंटल हेल्थ पर क्या पड़ता है असर? नई स्टडी में सामने आईं ये अहम बातें अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.



















