भारत में 'ब्रह्मपुत्र', बांग्लादेश पहुंचते ही बन जाती है 'महिला'! जानें वहां किस नाम से जानी जाती है ये नदी
क्या आप जानते हैं भारत में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी, जिसे पुरुष नदी कहा जाता है, वह बांग्लादेश में एंट्री करते ही महिला बन जाती है. जानिए कैसे?

भारत में एक दो नहीं बल्कि कई नदियां बहती हैं, जिस कारण इसे नदियों का देश भी कहा जाता है. इन नदियों में ब्रह्मपुत्र भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. लेकिन भारत में ये नदी पुरुष नाम से जानी जाती है, वहीं, बांग्लादेश ये नदी महिला बन जाती है.
नदियों की होती है पूजा
2 / 8भारत देश में नदियां सिर्फ पानी को स्रोत नहीं बल्कि आस्था से भी जुड़ा हुआ है. यही कारण है कि गंगा, यमुना जैसी नदियों की लोग पूजा करते हैं और उन्हें मां का दर्जा देते हैं.
क्यों खास है ब्रह्मपुत्र नदी?
3 / 8कैलाश पर्वतमाला में चेमायुंगडुंग ग्लेशियर से निकलने वाली ब्रह्मपुत्र नदी भारत से होकर बहती है और बांग्लादेश होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है. 2,900 किलोमीटर लंबी ये नदी न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि भारत के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है, खासतौर से अरुणाचल प्रदेश और असर के लिए.
कई नामों से मशहूर है ये नदी
4 / 8भारत में ब्रह्मपुत्र को सिर्फ एक नाम से नहीं जाना जाता है, बल्कि यहां इसके कई नाम है, जिसमें स्काई रिवर (यानी आकाश की नदी) क्योंकि ये दुनिया की सबसे ऊंची पर्वतमाला से बहते हुए आती है. इसके अलावा इसे लाल नदी के नाम से भी जाना जाता है.
भारत के कई राज्यों के लिए जीवन है ये नदी
5 / 8तिब्बत से निकलने वाली ये नदी, भारत में कई राज्यों से होकर बहती है. अपने मार्ग के कारण ये कई लोगों का जीवन इससे जुड़ा हुआ है, खासतौर से किसान, मछुआरे आदि के लिए. ब्रह्मपुत्र के मार्ग में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम राज्य आते हैं, फिर ये नदी बांग्लादेश में प्रवेश कर जाती है और बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है.
भारत में पुरुष और बांग्लादेश में महिला कैसे?
6 / 8भारत में इस नदी को ब्रह्मपुत्र नाम दिया गया है, जो कि एक पुरुष नाम है. लेकिन जब यह नदी बांग्लादेश में प्रवेश कर जाती है, तो इसका नाम भी बदल जाता है. बांग्लादेश में इस नदी को जमुना नाम दिया गया है, जबकि महिला जैसा नाम है. यही कारण है कि भारत में पुरुष और बांग्लादेश में महिला बन जाती है ये नदी.
कितनी महत्वपूर्ण नदियां जुड़ती है ब्रह्मपुत्र से ?
7 / 8मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली की सहायक नदियां हैं-ल्हासा नदी, न्यांग नदी, पारलुंग जंगबो नदी, लोहित नदी, धनश्री नदी और कोलोंग नदी, कामेंग नदी, मानस नदी, बेकी नदी, रायदक नदी, जलढाका नदी, तीस्ता नदी और सुबनसिरी नदी.
भारत की सबसे गहरी नदी
8 / 8आपको शायद जानकारी न हो, लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी भारत की सबसे गहरी नदी भी है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी औसत गहराई लगभग 124 फीट (38 मीटर) और अधिकतम गहराई लगभग 380 से 450 फीट (लगभग 115 से 135 मीटर) तक है. (Image: AI) यह भी पढ़ें: दुनिया के इन देशों में नहीं बहती एक भी नदी, फिर भी लोग जीते हैं सुकून से! जानिए पानी का इंतजाम कैसे होता है अस्वीकरण: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है.