कैंसर का ये टेस्ट बिल्कुल भी नहीं करवाना चाहिए, वरना हो सकते हैं दिमागी मरीज

Cancer Ka Test Nahi Karwana Chaiye: कोई भी लक्षण नजर आने पर कैंसर का टेस्ट करवाना नुकसानदायक साबित हो सकता है. कई रिसर्च में कैंसर की पहचान करने वाला बायोप्सी हेल्थ को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है, कैसे? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.

Cancer Ka Test Nahi Karwana Chaiye
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कैंसर का ये टेस्ट बिल्कुल भी नहीं करवाना चाहिए. Image Credit- Freepik

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मामूली लक्षण दिखने पर टेस्ट ना करवाएं

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हर इंसान की उम्र, लक्षण और फैमिली हिस्ट्री अलग होती है. उसी आधार पर डॉक्टर तय करते हैं कि कौन सा टेस्ट जरूरी है, लेकिन कैंसर के लिए बायोप्सी करवाना नुकसानदायक साबित हो सकता है.

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रिजल्ट सपष्ट ना होना

रिजल्ट सपष्ट ना होना3 / 6

बायोप्सी एक ऐसा टेस्ट है जिसे हर कोई सही तरह से नहीं कर सकता. इसलिए इसके रिजल्ट पर जल्दी भरोसा ना करें, क्योंकि कई बार टेस्ट का रिजल्ट इंसान को दिमागी मरीज कर देता है.

इंफेक्शन होने का खतरा

इंफेक्शन होने का खतरा4 / 6

अगर सही तकनीक से बायोप्सी न की जाए तो इंफेक्शन हो सकता है या रिपोर्ट गलत आ सकती है. इसलिए अगर आप डॉक्टर की सलाह पर कैंसर का टेस्ट करवा रहे हैं तो बायोप्सी सही जगह से करवाएं.

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कुछ अंगों में जोखिम होना

कुछ अंगों में जोखिम होना5 / 6

ब्रेन, फेफड़े या दिल जैसे अंगों में बायोप्सी करना जोखिम भरा हो सकता है. इसलिए यह केवल विशेषज्ञ की देखरेख में ही की जाती है. इसलिए बायोप्सी करवाने से पहले MRI या CT Scan जरूर करवाएं.

कब बायोप्सी जरूरी होती है?

कब बायोप्सी जरूरी होती है?6 / 6

कई मामलों में बायोप्सी जरूरी हो जाती है जैसे शरीर में गांठ हो या लंबे समय से कोई लक्षण बना रहे.ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर बायोप्सी जरूरी हो जाती है.

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Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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