दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही Flydubai की FZ1073 में कॉकपिट पर कब्जे और प्लेन क्रैश कराने की कोशिश को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने गुरुवार को पहला आधिकारिक बयान जारी किया है. विमान के अंदर चाकूबाजी और प्लेन को क्रैश कराने की संदिग्ध कोशिश के मामले को गंभीरता से लेते हुए यूएई प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय जांच दल के गठन का आदेश दिया है. इमरजेंसी के दौरान विमान महज 30 सेकंड में करीब 14,000 फीट नीचे आ गया था, जिसके बाद इसे सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया. अब यूएई के अटॉर्नी जनरल ने मामले में आतंकी कनेक्शन और पूर्व नियोजित साजिश की आधिकारिक जांच के आदेश दिए हैं. वहीं, इस मामले में भारत ने भी जांच शुरू कर दी है.
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क्या बोले यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शमसी?
यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शमसी ने कहा कि पब्लिक प्रॉसिक्यूशन की एक विशेष टीम को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है कि विमान के भीतर असल में क्या हुआ था, घटना का पूरा क्रम क्या था और आरोपी का असली मकसद क्या था. जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या यह अचानक उठाया गया कदम था या फिर इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी. सबसे अहम बात यह है कि इस घटना में किसी आतंकी गतिविधि या संगठित नेटवर्क के कनेक्शन की भी बारीकी से जांच की जा रही है.
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, इस बोइंग 737 MAX विमान में हवा में बेहद भयानक स्थिति पैदा हो गई थी. इमरजेंसी के दौरान विमान महज 30 सेकंड के अंदर करीब 14,000 फीट नीचे गिर गया था. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विमान ने पहले ‘7700’ का सिग्नल भेजा, इसके तुरंत बाद ‘7500’ यानी हाईजैक की कोशिश का इमरजेंसी कोड ट्रांसमिट किया. इसके बाद दोबारा कोड बदलकर 7700 किया गया और विमान को तबुक की तरफ मोड़ा.
विमान पर नियंत्रण पाने या उसे सीधे क्रैश कराने की कोशिश
इजरायली अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्टों में इसे विमान पर नियंत्रण पाने या उसे सीधे क्रैश कराने की कोशिश बताया गया है. वहीं सऊदी अरब के अधिकारियों ने भी इस पर एविएशन सेफ्टी जांच शुरू कर दी है. यूएई का कहना है कि विमान यूएई में रजिस्टर्ड है, इसलिए उसके कानूनों के तहत क्षेत्र से बाहर हुए ऐसे अपराधों की जांच करने का पूरा अधिकार उसके पास है. फिलहाल जांच एजेंसियां आतंकी एंगल और किसी बाहरी इशारे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.