WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी, गलती से भी न खोलें ये फाइलें, वरना सीधे हैक होगा फोन-लैपटॉप
WhatsApp यूजर्स पर खतरे की घंटी मंडरा रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक साइबर सिक्योरिटी कंपनी ने यूजर्स को खतरनाक फाइल भेजकर उनकी जानकारी हैक करने जैसे अपराध होने की चेतावनी जारी है.

WhatsApp Web और WhatsApp Desktop का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए एक नई साइबर चेतावनी सामने आई है. साइबर सिक्योरिटी कंपनी Kaspersky ने एक ऐसे Malware Campaign का खुलासा किया है, जिसमें हमलावर WhatsApp के जरिए खतरनाक फाइलें भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक यह साइबर हमला केवल एक देश तक सीमित नहीं है. यह अभियान कई देशों में सक्रिय पाया गया है और बड़ी संख्या में यूजर्स को प्रभावित कर रहा है. सबसे ज्यादा मामले मलेशिया में दर्ज किए गए हैं.
नॉन कॉन्टैक्ट के नाम से आते हैं मैसेज
2 / 8साइबर अपराधी पहले से हैक किए गए WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी वजह से यूजर्स को मैसेज किसी अनजान नंबर से नहीं बल्कि अपने किसी जानने वाले व्यक्ति के अकाउंट से आता हुआ दिखाई दे सकता है, जिससे लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं.
बिजनेस डॉक्यूमेंट जैसा दिखता है अटैचमेंट
3 / 8Kaspersky की Global Research and Analysis Team (GReAT) ने पाया कि हमलावर WhatsApp पर डायरेक्ट मैसेज के जरिए फर्जी अटैचमेंट भेज रहे हैं. इन फाइलों के नाम ऐसे रखे जाते हैं कि वे किसी जरूरी कारोबारी दस्तावेज की तरह दिखाई दें. ये भी पढ़ें- नई KTM 790 Duke से उठा पर्दा, किलर लुक जीत लेगा दिल, फीचर्स उड़ा देंगे होश
इन नामों से भेजी जा रही हैं फाइलें
4 / 8साइबर अपराधी अटैचमेंट को Invoice, Bank Statement, Account Statement और Debt Notice जैसे नाम देकर भेज रहे हैं. इन नामों को देखकर यूजर को लगता है कि फाइल असली और जरूरी है, जबकि इसके पीछे खतरनाक मालवेयर छिपा होता है. जैसे ही यूजर ऐसी फाइल को ओपन करता है, डिवाइस में मालवेयर एक्टिव होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इसके बाद सिस्टम में अतिरिक्त हानिकारक फाइलें डाउनलोड होकर काम करना शुरू कर सकती हैं. ये भी पढ़ें- कार का AC साल में कितनी बार सर्विस कराना चाहिए? ज्यादातर लोग करते हैं बड़ी गलती
बाहरी सर्वर से डाउनलोड होते हैं खतरनाक कंपोनेंट
5 / 8Kaspersky के सिक्योरिटी रिसर्चर फरीद राडजी के अनुसार, फाइल खोलने के बाद एक मल्टी-स्टेज प्रक्रिया शुरू होती है. इसमें बाहरी सर्वर से अतिरिक्त दुर्भावनापूर्ण कंपोनेंट डाउनलोड किए जाते हैं, जो सिस्टम को और ज्यादा खतरे में डाल सकते हैं.
किन देशों में मिले सबसे ज्यादा मामले?
6 / 8कंपनी के अनुसार मलेशिया, ब्राजील, सिंगापुर, ताइवान और वियतनाम में इस अभियान के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. इनमें मलेशिया सबसे अधिक प्रभावित देश रहा है. Kaspersky का कहना है कि यूरोप समेत अन्य क्षेत्रों के यूजर्स को भी निशाना बनाया जा रहा है. ये भी पढ़ें- ऑटो में सिर्फ 3 पहिए ही क्यों होते हैं 4 क्यों नहीं? असली वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
फाइल खोलने के बाद क्या होता है?
7 / 8रिपोर्ट के अनुसार, करप्ट फाइल खुलते ही डिवाइस में एक स्क्रिप्ट रन हो सकती है. इसके बाद Windows Script Host के माध्यम से अन्य स्क्रिप्ट फाइलें डाउनलोड और एक्सीक्यूट की जा सकती हैं, जिससे साइबर अपराधी सिस्टम तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं. सामान्य तौर पर रिमोट एक्सेस तकनीक का इस्तेमाल IT सपोर्ट और सिस्टम मैनेजमेंट के लिए किया जाता है. लेकिन इसमें हैकर इसी सुविधा का गलत उपयोग कर सिस्टम पर कंट्रोल हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं.
इन फाइल एक्सटेंशन से रहें बेहद सावधान
8 / 8Kaspersky ने सलाह दी है कि WhatsApp पर आने वाले किसी भी संदिग्ध अटैचमेंट को खोलने से बचें, भले ही वह किसी परिचित व्यक्ति के अकाउंट से आया हो. विशेष रूप से .vbs, .vbe, .exe, .bat, .cmd, .js और .ps1 एक्सटेंशन वाली फाइलों को खोलने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें. (Images Credit-Magnific/Unsplash)



















