गर्मी में कार का AC सफर को आरामदायक बनाता है, लेकिन इसकी भूमिका केवल केबिन को ठंडा रखने तक सीमित नहीं है. यह अंदर की हवा को साफ रखने, नमी को नियंत्रित करने और विंडशील्ड पर धुंध जमने से रोकने में भी मदद करता है. यही वजह है कि AC कार के सबसे महत्वपूर्ण सिस्टम में से एक माना जाता है.
AC की देखभाल क्यों है जरूरी?

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जिस तरह घर में लगे एयर कंडीशनर की नियमित सर्विस कराई जाती है, उसी तरह कार के AC की भी समय-समय पर देखभाल जरूरी होती है. सही रखरखाव से इसकी कार्यक्षमता बनी रहती है और लंबे समय तक बेहतर कूलिंग मिलती है. अगर AC की नियमित सर्विस नहीं कराई जाती, तो इसकी कूलिंग क्षमता कम हो सकती है. इसके साथ ही एयर फ्लो कमजोर पड़ सकता है और केबिन में बदबू आने जैसी समस्याएं भी शुरू हो सकती हैं, जिससे ड्राइविंग का अनुभव प्रभावित होता है.
साल में कितनी बार करानी चाहिए AC सर्विस?

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कार के AC की सर्विस का नियम घरेलू AC से अलग होता है. आमतौर पर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कार के AC की सर्विस हर 12 से 24 महीने के बीच एक बार जरूर करानी चाहिए. इससे सिस्टम बेहतर स्थिति में बना रहता है.
उपयोग के हिसाब से बदल सकता है सर्विस शेड्यूल

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यदि आप रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, गर्म और उमस वाले क्षेत्रों में रहते हैं या AC का लगातार इस्तेमाल करते हैं, तो साल में एक बार सर्विस कराना बेहतर माना जाता है. वहीं, कम इस्तेमाल होने वाली कारों के लिए दो साल में एक बार सर्विस पर्याप्त हो सकती है.
AC सर्विस के दौरान क्या-क्या जांचा जाता है?

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एक सामान्य AC सर्विस में रेफ्रिजरेंट गैस का स्तर चेक किया जाता है, संभावित लीकेज की जांच होती है, एयर फिल्टर को साफ या बदला जाता है और इवेपोरेटर की सफाई की जाती है. ये छोटे-छोटे काम भविष्य में बड़े खर्च से बचाने में मदद करते हैं.
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

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अगर AC वेंट्स से हवा कम आने लगे, कूलिंग पहले जैसी न रहे, सिस्टम से अजीब आवाजें आने लगें, बदबूदार हवा महसूस हो या शीशों पर जमी धुंध हटने में ज्यादा समय लगे, तो AC की तुरंत जांच करानी चाहिए. ये संकेत किसी तकनीकी खराबी की ओर इशारा कर सकते हैं. (Images Credit-Magnific, Pexels)