दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है. आकाशवाणी भवन के बाहर दिनभर चले भारी विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप स्थित नई पुलिस लाइन भेजा था, जहां से अब उन्हें छोड़ दिया गया है. हिरासत के दौरान ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा, “लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है. हिसाब होगा – एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा.” राहुल ने साफ शब्दों में कहा कि यह देश की आवाज का अपमान है और विपक्ष चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखकर रहेगा.
दूसरी तरफ, चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि आयोग को कांग्रेस पार्टी या किसी अन्य विपक्षी दल की ओर से औपचारिक बैठक के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है.
140 से ज्यादा सांसदों का था धरना
मामला चुनाव आयोग और SIR से जुड़ा है. INDIA ब्लॉक के 140 से ज्यादा सांसद आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठे थे. जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज हुआ, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. इसके बाद पुलिस ने एक-एक करके वहां से नेताओं को हटाना शुरू किया और राहुल-प्रियंका सहित कई वरिष्ठ नेताओं को डिटेन कर पुलिस लाइन भेज दिया.
राहुल गांधी का सीधा आरोप- ‘वोट चोरी हुई है’
रिहाई से पहले राहुल गांधी ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि सभी सांसद चुनाव आयुक्त से मिलेंगे और उन्हें मिलना ही पड़ेगा. राहुल गांधी ने कहा, “हम चुनाव आयोग से मिलकर सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि आपने वोट चोरी की है.” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें धरने पर बैठने से कोई परहेज नहीं है, जितना वक्त लगेगा वे बैठेंगे. अगर चुनाव आयोग को यहां बैठने से ऐतराज है, तो वह दिल्ली में कोई दूसरी जगह तय कर दे, वे वहीं जाकर बैठ जाएंगे.