बरसात में सड़कों पर पानी भरना आम बात है, लेकिन हर पानी से भरी सड़क से कार निकालने सेफ नहीं होता. अगर आपर सही गहरई का अंदाजा नहीं लगाते, तो इंजन को बड़ा नुकसान हो सकता है.
कार के किस हिस्से तक पानी पहुंचने से नुकसान नहीं

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अगर सड़क पर भरा पानी कार के टायर के आधे हिस्से तक है तो आमतौर पर इसे सुरक्षित माना जाता है. इस लेवल पर कार के मुख्य पार्ट्स में पानी जाने की संभावना काफई कम रहती है और गाड़ी आसानी से निकल सकती है.
बंपर तक पानी पहुंचे तो बढ़ जाता है खतरा

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अगर पानी का लेवल कार के बंपर तक पहुंच जाए या उससे ऊपर चला जाए तो इंजन और दूसरे जरूरी हिस्सों में पानी पहुंचने का खतरा काफी बढ़ जाता है.
बोनट तक पानी आए तो तुरंत इंजन बंद कर दें

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अगर कार चलते समय पानी का लेवल बढ़क बोनट या हेडलाइट तक आ जए तो तत्काल इंजन बंद कर दें. इंजन को चलने के लिए हवा की जरूरत होती है जो एयर फिल्टर से जरिए अंदर जाती है. बोनट तक पानी आने पर यही पानी इंजन के भीतर भी पहुंच सकता है.
बंद कार को दोबारा स्टार्ट करने की गलती न करें

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अगर पानी में चलते-चलते कार बंद हो जाए तो उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल न करें. ऐसा करने पर पानी इंज के सिलेंडर तक पहुंच सकता है, जिससे हाइड्रोलॉक की स्थिति बन जाती है. इसमें इंजन जाम हो सकता है उसकी मरम्मत पर भारी खर्च आ सकता है.
पानी भरी सड़क पर ऐसे चलाएं कार

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पानी से भरे रास्ते पर कार को हमेशा पहले या दूसरे गियर में चलाएं. एक्सीलेटर को हल्का दबाकर रखें ताकि इंजन की रफ्तार बनी रहे और साइलेंसर के जरिए पानी अंदर न जाए. जरूरत पड़ने पर क्लच को हल्का दबाकर कार की स्पीड कंट्रोल में रखें, ताकि गाड़ी रास्ते में बंद न हो.
पानी से निकलने के बाद ब्रेक जरूर जांचें

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कार जब पानी से बाहर निकल जाए तो तुरंत स्पीड न पकड़ें. पहले किसी सूखी जगह पर गाड़ी रोकें और ब्रेक 2-24 बार दबाएं. इससे ब्रेक पर लगी नमी सूख जाएगी और वो दोबारा सही तरीके से काम करने लगेंगे.