Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान गाय का दान करना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. गरुड़ पुराण में गोदान के महत्व के बारे में बताया गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार, अलग-अलग प्रकार की गाय के दान करने का महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गोदान करना बहुत पुण्यदाई होता है. आप पितृ पक्ष में गाय का दान कर पुण्य फलों की प्राप्ति कर सकते हैं. आइये गरुड़ पुराण के अनुसार, गोदान के फायदों के बारे में जानते हैं.
गोदान करने का महत्व
दूध देने वाली गाय का दान करना श्रेष्ठ माना जाता है. बछड़े के साथ गाय का दान पुण्यकारी है. इसको सवत्सा दान कहते हैं. इसे सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है. कपीला गाय लाल या भूरे रंग की गाय का दान करना विशेष फल देने वाला माना गया है. गाय के साथ गाय की सिंह में सोना लगाकर उसे गहने पहनाकर और अन्य वस्तुओं का दान महत्वपूर्ण है. तीर्थ में गौ दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
व्यक्ति संकट के समय या मृत्यु के समय गाय का दान करता है तो, ऐसा करने से परलोक की यात्रा आसान होती है. पंच धेनु गाय का दान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं. ऐसा माना जाता है कि, पंच धेनु गाय के दान से समस्याओं और पापों से मुक्ति मिलती है. आपको गाय का दान योग्य ब्राह्मण या गौशाला को करना चाहिए. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.