विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी कर भारत लौटकर गुजरात में इंटर्नशिप करने वाले मेडिकल छात्रों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब ऐसे इंटर्न डॉक्टरों को भी अन्य मेडिकल इंटर्न डॉक्टरों के समान हर महीने ₹21,840 का स्टाइपेंड दिया जाएगा. गुजरात सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा करीब 350 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) को मिलने की उम्मीद है. यह व्यवस्था राज्य के सरकारी और GMERS मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले पात्र डॉक्टरों पर लागू होगी.
1 जून और 1 अक्टूबर से पोस्टिंग वालों को फायदा
सरकार के अनुसार, 1 जून और 1 अक्टूबर से पोस्टिंग पाने वाले इंटर्न डॉक्टरों को इस स्टाइपेंड का लाभ मिलेगा. यानी इन तारीखों से इंटर्नशिप के लिए पोस्टिंग लेने वाले विदेश से MBBS करने वाले डॉक्टरों को निर्धारित ₹21,840 मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा.
अब तक नहीं मिलता था स्टाइपेंड
गौरतलब है कि विदेश से MBBS करने वाले डॉक्टरों को गुजरात में इंटर्नशिप के दौरान अब तक राज्य सरकार की ओर से स्टाइपेंड नहीं दिया जाता था. नए फैसले से उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले अन्य इंटर्न डॉक्टरों के बराबर स्टाइपेंड मिलेगा. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के नियमों के मुताबिक, विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक इंटर्नशिप पूरी करनी होती है.
NMC ने पहले भी विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट्स के समान स्टाइपेंड और सुविधाएं देने की बात कही है. कुल मिलाकर, गुजरात सरकार का यह फैसला विदेश से MBBS करने के बाद राज्य में इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों के लिए बड़ी आर्थिक राहत माना जा रहा है. अब उन्हें हर महीने ₹21,840 की आर्थिक सहायता मिलेगी.