दिल्ली में SIR के विरोध में विपक्ष का मार्च, राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया
Rahul Gandhi: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के तमाम नेताओं ने SIR विवाद को लेकर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में मार्च निकाला और पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की.
CEC के खिलाफ प्रदर्शन करते राहुल गांधी (Photo-ANI)
Opposition March In Delhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के कई सांसदों के साथ नई दिल्ली में संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च किया. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने सरकार और इलेक्शन के खिलाफ नारे लगाए और वोटर लिस्ट के SIR को वापस लेने की मांग की. इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और NCP (SP) की सुप्रिया सुले समेत विपक्ष के अन्य सांसदों ने हिस्सा लिया.
विज्ञापन
VIDEO | Delhi: INDIA bloc MPs march from Parliament to ECI, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra and NCP (SP) MP Supriya Sule amongst others demand CEC Gyanesh Kumar's resignation.
पुलिस ने कांग्रेस के नेताओं को बीच रास्ते में बैरिक ही रोक लिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सड़क पर धरने पर बैठ गए. बाद में पुलिस ने राहुल-प्रियंका और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बिठाया और आकाशवाणी भवन ले गए. प्रियंका गांधी सहित कुछ सांसद आकाशवाणी भवन के अंदर से दूसरी तरफ निकलने की कोशिश कर रहे थे पुलिस ने भवन का गेट भी बंद करवा रखा है और फिलहाल सांसद अंदर ही मौजूद हैं.
राहुल गांधी और प्रियंका आकाशवाणी भवन में ही पेड़ के बीच धरने पर बैठ गए है. पुलिस उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है. तस्वीरों में दोनों सामने नजर आ रहे है. उनके साथ जो उनके समर्थक थे उनको पुलिस ने हटाया साथ ही आकाशवाणी विविध भारती के जो कर्मचारी थे उनको भी वापस ऑफिस के अंदर भेजा गया. लेकिन राहुल और प्रियंका वहां से हटने को तैयार नहीं है.
विज्ञापन
#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, along with INDIA bloc MPs, marches to the Election Commission of India pic.twitter.com/OwLWdXvhoo
कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और सरकार तथा चुनाव आयोग की लीडरशिप पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि तकरीबन 13 करोड़ वोट हटा दिए गए हैं और इस कथित प्रक्रिया को वोटर्स के लोकतांत्रिक अधिकारों पर बड़ा हमला बताया. सत्ताधारी BJP ने इन आरोपों का कड़ा विरोध किया है.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि विपक्ष की मुख्य मांगों में SIR प्रक्रिया को रद्द करना, मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नामों को बहाल करना और मामले की उच्च-स्तरीय जांच कराना शामिल है. हुसैन ने चुनाव अधिकारियों के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया, जबकि सत्ताधारी पार्टी ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि विपक्ष की मुख्य मांगों में SIR प्रक्रिया को रद्द करना, वोटर लिस्ट से कथित तौर पर हटाए गए नामों को बहाल करना और मामले की उच्च-स्तरीय जांच कराना शामिल है. हुसैन ने चुनाव अधिकारियों के कामकाज में राजनीतिक दखल का भी आरोप लगाया, जबकि सत्ताधारी पार्टी ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
INDIA अलायंस का कहना है कि वोटर लिस्ट से जुड़ी चिंताओं के लिए अधिक जांच और जवाबदेही की जरूरत है. उम्मीद है कि विपक्षी नेता चल रहे अभियान के दौरान चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रखेंगे. इस मार्च से मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है.