Colon Cancer: आंतों का कैंसर एक गंभीर कैंसर है जो छोटी या बड़ी आंत में हो सकता है. यह कैंसर आंतों में विकसित होकर धीरे-धीरे शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है. बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खाने से, जंक फूड खाने से, धूम्रपान या शराब का सेवन करने से, फाइबर की कमी वाला भोजन करने से, परिवार में किसी को कैंसर रहा हो या शारीरिक गतिविधि की कमी से भी आंतों का कैंसर (Aant Ka Cancer) हो सकता है. ऐसे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि आंतों के कैंसर से बचे रहने के लिए किन 5 बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
आंतों के कैंसर से बचने के लिए करें ये काम
डॉ. सौरभ सेठी का कहना है कि 3 ऐसे काम हैं जिन्हें रोजाना किया जाए तो आप कोलन कैंसर के खतरे से बच सकते हैं –
खाएं फाइबर – रोजाना कम से कम 30 ग्राम फाइबर का सेवन जरूर करें. प्रति 10 ग्राम फाइबर के सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 7 प्रतिशत तक कम हो सकता है
प्रोसेस्ड मीट ना खाएं – विश्व स्वास्थ संगठन की सबसे ज्यादा कैंसर फैलाने वाली लिस्ट के ग्रूप 1 में आता है प्रोसेस्ड मीट का सेवन. इसके अलावा लाल मीट भी कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले फूड्स में शामिल है.
एक्टिव रहें – डॉक्टर की सलाह है कि खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करें. एक्टिव रहने पर या एक्सरसाइज करने पर गट साफ होता रहता है और शरीर में जमा नहीं रहता. इससे कार्सिनोजेन एक्सपोजर से आंतें बची रहती हैं.
शराब का पीना – शराब बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए और अगर पीते हैं तो कम पीनी चाहिए क्योंकि शराब कैंसर के खतरे को बढ़ा देती है.
कोलोनस्कॉपी करवाना – 45 साल के हो गए हैं तो कोलोनस्कॉपी जरूर करवाएं. इंतजार ना करें कि कैंसर के लक्षण दिखेंगे तभी जांच करवाई जाए.
- लंबे समय से पेट में दर्द महसूस होता है
- पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
- मल में खून आना
- बार-बार दस्त होना या कब्ज हो जाना
- भूख कम लगना
- कमजोरी हो जाना और थकान महसूस होना
- अचानक से वजन कम होने लगना.
किन लोगों को आंतों का कैंसर होने का खतरा ज्यादा है
जिन लोगों की उम्र ज्यादा है, परिवार में किसी को कोलोरेक्टल कैंसर रहा हो, लंबे समय से आंतों का कोई रोग हो, मोटापे या डायबिटीज से ग्रस्त लोगों को आंतों के कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है.
आंतों के कैंसर की जांच कैसे होती है
आंतों के कैंसर की जांच के लिए कोलोनस्कोपी, सीटी स्कैन, बायोप्सी, ब्लड टेस्ट या स्टूल टेस्ट किया जाता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.