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बच्चों में जन्मजात दिल की बीमारी क्यों होती है? DNA की 3D संरचना को लेकर नई रिसर्च ने खोला राज

कई बार ऐसा होता है कि बच्चा बीमारियों के साथ पैदा होता है. ऐसे में किसी के यह समझ नहीं आता कि गलती कहां हुई है और बच्चे को दिल की बीमारी क्यों हो जाती है. 

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हर साल कई ऐसे बच्चे भी जन्म लेते हैं जिन्हें पैदाइशी बीमारी होती है या कोई परेशानी. अब तो दिल की बीमारी वाले बच्चे भी बहुत ज्यादा पैदा हो रहे हैं. इस तरह की बीमारियों को कंजेनाइटल हार्ट डिफेक्ट के नाम से जाना जाता है. यह बच्चों में पाए जाने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक है. आजकल 100 में से 1 बच्चे को यह बीमारी हो रही है, लेकिन आखिर कुछ बच्चों में जन्म से ही दिल की समस्या क्यों होती है? हाल ही में ग्लैडस्टोन इंस्टीट्यूट में पब्लिक हुई एक एक नई रिसर्च ने इसके पीछे के कारण को पता लगाया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ जीन में बदलाव ही नहीं, बल्कि DNA की 3D संरचना में गड़बड़ी भी बच्चों में यह बीमारी पैदा कर रहा है. 

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DNA की 3D संरचना क्या होती है?

DNA सिर्फ एक लंबी चेन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा ब्लड सेल्स है, जिसे मोड़ा नहीं जाता है. इसी 3D संरचना की वजह से शरीर के अलग-अलग अंगों के लिए जरूरी जीन सही समय पर काम करने लग जाते हैं. अगर यह संरचना बिगड़ जाए, तो जरूरी जीन ठीक तरह से काम नहीं कर पाते हैं. 

किस जीन का मिला संबंध?

रिसर्च में वैज्ञानिकों ने TBX5 नाम के जीन पर फोकस किया. यह जीन दिल की हेल्थ के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. हालांकि, पहले यह माना जाता था कि TBX5 सिर्फ दूसरे जीन को कंट्रोल करता है, लेकिन नई स्टडी से पता चला कि यह DNA की 3D संरचना को सही रखने में भी अहम भूमिका निभाता है. 

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हर बच्चे में बीमारी अलग क्यों दिखती है?

एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई कि एक ही जीन में बदलाव होने के बावजूद सभी बच्चों में एक जैसी समस्या नहीं होती. रिसर्च के मुताबिक, DNA की 3D संरचना में होने वाले बदलाव अलग-अलग सेल्स को अलग तरह से इफेक्ट कर सकते हैं. 

क्या इससे इलाज में मदद मिलेगी?

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रिसर्च फ्यूचर में पैदाइशी पैदा होने वाले बीमार बच्चे की बीमारी का पता लगाया जा सकता है. हालांकि, यह अभी शुरुआती स्तर की रिसर्च है और इसका सीधा इस्तेमाल इलाज में होने में समय लग सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.  

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First published on: Aug 16, 2026 03:19 PM

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