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सुबह 4 बजे से शुरू होती है आयुर्वेदिक दिनचर्या, जानिए हेल्दी लाइफ का फॉर्मूला क्या है, बदल जाएगी जिंदगी

Daily Routine For Healthy Life: आयुर्वेद के पास एक नहीं अनेक बीमारियों का इलाज होता है. रोगों से छुटकारा पाने के लिए एक हेल्दी रूटीन की जरूरत होती है. यहां जानिए आयुर्वेद में दिनचर्या कैसी होती है और किन किन चीजों को शामिल किया जाता है. 

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Ayurveda Dincharya Kaisi Hoti Hai: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग छोटी-छोटी बीमारियों से भी परेशान रहते हैं. थकान, पेट की समस्या, मोटापा, नींद न आना और तनाव जैसी दिक्कतें आम हो चुकी हैं. ऐसे में आयुर्वेद एक ऐसी जीवनशैली बताता है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने में मदद करती है. योग गुरु बाबा रामदेव को आयुर्वेद का गुरु कहा जाता है. इसके द्वारा स्थापित Patanjali Wellness Center में भी इसी आयुर्वेदिक दिनचर्या को स्वस्थ जीवन का आधार माना जाता है. यहां विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर आप अपनी दिनचर्या को सुबह 4 बजे से आयुर्वेद के अनुसार शुरू करते हैं, तो शरीर की कई समस्याएं खुद-ब-खुद दूर होने लगती हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आयुर्वेद के अनुसार हेल्दी लाइफ का पूरा फॉर्मूला क्या है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इंसान को स्वस्थ रहने के लिए क्या करना चाहिए. 

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हेल्दी लाइफ का फॉर्मूला क्या है? 

ब्रह्म मुहूर्त में उठना है जरूरी 

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण या योगगुरु बाबा रामदेव बताते हैं कि आयुर्वेद में सुबह 4 से 5 बजे के समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है. यह समय शरीर और मन के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. पतंजलि के वेलनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में उठने से शरीर की जैविक घड़ी सही तरीके से काम करती है. 

सुबह उठने के फायदे  

  • दिमाग शांत रहना 
  • याददाश्त बेहतर होना 
  • पाचन तंत्र मजबूत होना 
  • पूरे दिन ऊर्जा बनी रहना 

सुबह उठते ही उषापान करना 

आयुर्वेद में इसे उषापान कहा जाता है. सुबह उठते ही 2 गिलास गुनगुना पानी पीना बेहद फायदेमंद माना जाता है. कई आयुर्वेद विशेषज्ञ सुबह पानी में थोड़ा नींबू या शहद मिलाने की भी सलाह देते हैं. 

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सुबह पानी पीने के फायदे 

  • शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलना 
  • कब्ज की समस्या कम होना 
  • स्किन साफ होना 
  • मेटाबॉलिज्म तेज होना 

योग और प्राणायाम करें शामिल 

योग और प्राणायाम आयुर्वेदिक जीवन शैली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. बाबा रामदेव भी रोजाना सुबह इन योगों को करने की सलाह देते हैं. 

सुबह करने वाले योग 

  • सूर्य नमस्कार
  • कपालभाति
  • अनुलोम-विलोम
  • भ्रामरी प्राणायाम
  •  ध्यान 

योग करने के फायदे  

  • फेफड़े मजबूत होना 
  • तनाव कम होना 
  • वजन नियंत्रित रहना 
  • शरीर में लचीलापन बढ़ना 

डाइट में आयुर्वेदिक नाश्ता करें शामिल 

आयुर्वेद के अनुसार, नाश्ता हल्का लेकिन पोषण से भरपूर होना चाहिए. सुबह के नाश्ते में ताजे फल, दलिया, अंकुरित अनाज, मूंग दाल चीला, सत्तू का पेय और पतंजलि का गिलोय का जूस भी शामिल करें. ऐसा नाश्ता शरीर को पूरे दिन के लिए ऊर्जा देता है. 

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दिनभर का खानपान कैसा रखें? 

आयुर्वेद में भोजन को दवा माना गया है. इसलिए खाने के कुछ नियम बताए गए हैं. इसको लेकर जरूरी नियत यह है कि हमेशा ताजा और गर्म भोजन करें. ज्यादा और तला-भुना खाने से बचें. इससे पाचन तंत्र मजबूत रहता है. 

रात को जल्दी सोना का आयुर्वेदिक फार्मूला 

आयुर्वेद के अनुसार रात 10 बजे तक सो जाना चाहिए. जल्दी सोने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं जैसे- शरीर की मरम्मत सही तरीके से होती है, हार्मोन संतुलित रहते हैं और नींद भी अच्छी आती है. 

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आयुर्वेद सिर्फ इलाज नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है. अगर आप सुबह जल्दी उठना, योग करना, संतुलित भोजन लेना और समय पर सोना जैसी आदतें अपनाते हैं, तो कई बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं. Patanjali Wellness Center के विशेषज्ञों का भी मानना है कि छोटी-छोटी आयुर्वेदिक आदतें अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी को ज्यादा स्वस्थ और खुशहाल बना सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Mar 12, 2026 12:08 PM

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About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर (Senior Sub Editor) हैं. दिल्ली की रहने वाली शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की है. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. शादमा मुस्कान का कुल अनुभव  कुल अनुभव - 5 साल डिग्री- शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से बीजेएमसी (BJMC) और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई भी की है. पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की। इसके बाद हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया के हरजिंदगी में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. तहजीब टीवी में भी उन्होंने काम किया. इस दौरान उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम की बेसिक समझ हासिल की. अब ज्यादा फोकस हेल्थ और लाइफस्टाइल की बीट पर है. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर गाइड के विषय में भी विशेषज्ञों से बातचीत के साथ विस्तृत लेखन में महारत हासिल है.

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