आंवला जूस, फल या पाउडर? बदलते मौसम में सेहत के लिए कौन-सा है ज्यादा फायदेमंद

अगर तीनों चीजों देखा जाए तो आंवला सबसे अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि इसमें फल का पूरा हिस्सा और फाइबर मिलता है. बाकी पाउडर और जूस में मिलावट की जा सकती है. अगर खुद पाउडर बना रहे हैं या जूस निकाल रहे हैं तो इसे खाना भी बेस्ट हो सकता है. 

amla khane ke fayde 

आंवले से बनी चीजें हेल्थ को कई तरह के फायदे देने के काम करती हैं. बस इसे सही मात्रा और सही तरह से खाना आपको आना चाहिए. Image Credit- Freepik

बदलते मौसम में खानपान का खास ध्यान रखना जरूरी होता है. इस दौरान डाइट में ऐसे फूड्स शामिल करने की सलाह दी जाती है, जो पोषक तत्वों से भरपूर हों. इसी लिस्ट में आंवला भी शामिल है. यह एक ऐसा ही फल है, जिसमें विटामिन सी और कई बायोएक्टिव कंपाउंड अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. बाबा रामदेव के मुताबिक, आंवले में पॉलीफेनॉल और विटामिन सी मौजूद होते हैं, जो इसकी एंटीऑक्सीडेंट को बढ़ाने का काम करते हैं. लेकिन सवाल यह है कि बदलते मौसम में आंवले को फल, जूस या पाउडर किस तरह लेना ज्यादा बेहतर है? योग गुरु बाबा रामदेव भी आंवले को अपनी सेहत से जुड़ी एक अहम चीज मानते हैं. वहीं, आंवले से बनी चीजें हेल्थ को कई तरह के फायदे देने के काम करती हैं. बस इसे सही मात्रा और सही तरह से खाना आपको आना चाहिए. 

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आंवले के फायदे क्या हो सकते हैं? 

आंवला पोषक तत्वों के साथ-साथ पॉलीफेनॉल और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड से भरपूर होता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों और फायदे को लेकर कई रिसर्च भी की गई हैं. इन चीजों में आंवला को पेट, बाल और स्किन के लिए काफी अच्छा बताया गया है. 

फ्रेश आंवला खाना क्यों हो सकता है बेहतर?

अगर आपको बाजार में फ्रेश आंवला आसानी से मिल रहा है तो पूरे फल के तौर पर इसे खाना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. फल खाने से आपको आंवले के साथ उसका नेचुरल फाइबर भी मिलता है. इसे धोकर सीधे खाया जा सकता है या काटकर सलाद में शामिल किया जा सकता है. हालांकि, स्वाद ज्यादा खट्टा लगे तो इसे खाने के साथ भी लिया जा सकता है. 

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आंवला जूस कब हो सकता है बेहतर? 

जिन लोगों को आंवला खाना पसंद नहीं है, उनके लिए आंवला जूस बेस्ट हो सकता है. बाजार में मिलने वाले आंवला जूस में ब्रांड के हिसाब से सामग्री और पोषण अलग-अलग हो सकते हैं. जैसे पतंजलि के आंवला दूसरे ब्रांड के जूस से अलग हो सकता है. 

आंवला पाउडर कब हो सकता है बेहतर? 

आंवला पाउडर उन लोगों के लिए बेस्ट हो सकता है, जिन्हें रोजाना फल खाना पसंद नहीं. आप इसे पानी, स्मूदी या खाने में मिलाकर भी खा सकते हैं. लेकिन पाउडर और आंवला को एक जैसा नहीं कहा जा सकता. प्रोसेसिंग और स्टोरेज के दौरान पोषक तत्वों की मात्रा इफेक्ट हो सकती है. इसलिए अगर फ्रेश आंवला खा सकते हैं तो खा लेना बेस्ट है. 

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बाबा रामदेव आंवले को लेकर क्या कहते हैं?

योग गुरु बाबा रामदेव लंबे समय से आंवले को अपनी योग और आयुर्वेद से जुड़ी चीजों में शामिल करते रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इसे खाने से काफी फायदा हो सकता है. हालांकि, बाबा रामदेव की किसी सलाह को अपनाते समय यह समझना जरूरी है कि यह आपके लिए कितना फायदेमंद हो सकता है. 

आंवला फल, जूस या पाउडर… किसे सेलेक्ट करना होगा बेस्ट?

अगर तीनों चीजों देखा जाए तो आंवला सबसे अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि इसमें फल का पूरा हिस्सा और फाइबर मिलता है. बाकी पाउडर और जूस में मिलावट की जा सकती है. अगर खुद पाउडर बना रहे हैं या जूस निकाल रहे हैं तो इसे खाना भी बेस्ट हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- Baba Ramdev 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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