बेटे की बिजनेस पर थी नजर, नहीं बनना चाहता था डॉक्टर; झगड़ा हुआ तो कर दिए पिता के टुकड़े-टुकड़े

जालौन जिले के रहने वाले मानवेंद्र ने लखनऊ में अपना बिजनेस सेटअप किया था. मानवेंद्र की पत्नी का निधन पहले ही हो चुका था. अभी उनके बेटे अक्षत और बेटी कृति थे. परिवार के सदस्यों का कहना है कि मानवेंद्र चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने.

Lucknow murder

पुलिस के मुताबिक, 20 फरवरी की सुबह पिता और पुत्र के बीच बातचीत हुई थी.

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लखनऊ में 21 साल के बेटे ने अपने 50 साल के पिता की हत्या कर दी. पहले बेटे ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता का मर्डर इसलिए कर दिया, क्योंकि उस पर NEET की तैयारी के लिए बार-बार दबाव डाला जा रहा था. इसके बाद उसने शव के टुकड़े किए और एक ड्रम के अंदर फेंक दिया. हालांकि, पूछताछ और जांच के बाद परिवार में चल रही कलह भी सामने आई. इससे पता चला कि बेटे की नजर अपने पिता के बिजनेस पर थी.

पिता मानवेंद्र सिंह की चार पैथोलॉजी लैब और तीन शराब की दुकानें थीं. मानवेंद्र सिंह अपने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे. लेकिन आरोपी फैमिली बिजनेस संभालना चाहता था.

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दो बार NEET में फेल

जालौन जिले के रहने वाले मानवेंद्र ने लखनऊ में अपना बिजनेस सेटअप किया था. मानवेंद्र की पत्नी का निधन पहले ही हो चुका था. अभी उनके बेटे अक्षत और बेटी कृति थे. परिवार के सदस्यों का कहना है कि मानवेंद्र चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने. अक्षत ने 12वीं की पढ़ाई के बाद नीट की तैयारी के लिए एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया. उसने दो बार एग्जाम दिया, लेकिन दोनों बार ही सफल नहीं हो पाया.

जांच में पता चला कि अक्षत फैमिली बिजनेस संभालना चाहता था. इंडिया टुडे ने परिवार के एक सदस्य के हवाले से लिखा है कि अक्षत का मानना था कि बिजनेस पहले से ही स्थापित है और डॉक्टर बनने में वर्षों लगेंगे. हालांकि, मानवेंद्र का मानना था कि बिजनेस तो चलता रहेगा, लेकिन पहले डिग्री ज्यादा अहम है. बेटे-पिता में इसी बात को लेकर अकसर बहस होती थी.

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जब घर में ही हुई थी चोरी

जांच के दौरान एक और अहम जानकारी सामने आई. करीब चार महीने पहले मानवेंद्र के घर से कीमती जेवर चोरी हो गए थे. शुरुआत में शक घरेलू सहायक पर गया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. बाद में पता चला कि जेवर उन्होंने चोरी नहीं किए थे. परिवार के भीतर ही उंगलियां उठीं और अक्षत की भूमिका संदिग्ध मानी गई. मामला बढ़ने से पहले मानवेंद्र ने शिकायत वापस ले ली थी.

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मर्डर से पहले झगड़ा

पुलिस के मुताबिक, 20 फरवरी की सुबह पिता और पुत्र के बीच बातचीत हुई थी. मानवेंद्र ने अक्षत से अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने और नीट की तैयारी को गंभीरता से लेने को कहा.इसी दौरान दोनों के बीच बहस हो गई. विवाद के दौरान, अक्षत ने अपने पिता के सिर में लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

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बहन को दी धमकी

घटना तीसरी मंजिल पर हुई. छोटी बहन कृति अपने कमरे में थी. गोली की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंची और देखकर दंग रह गई. पुलिस के मुताबिक, अक्षत ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो इसके नतीजे सही नहीं होंगे. वह चार दिनों तक डर के मारे घर में ही रही.

शव को ऐसे लगाया ठिकाने

हत्या के बाद अक्षत ने तीसरी मंजिल से शव को घसीटा. पहले वह कार में रखकर गोमती नदी में फेंकने की योजना बना रहा था. शव भारी होने की वजह से उसने प्लान बदल दिया. फिर उसने बाजार से एक आरी खरीदी और हाथ-पैर काट दिए. अंगों को कार में रखकर सदराउना इलाके में फेंक दिया. धड़ को ठिकाने लगाने में नाकाम रहा तो उसने इसे एक नीले ड्रम में रख दिया. जिसे बाद में फेंकने की प्लानिंग थी. सिर अभी भी लापता है और ड्रम में नहीं मिला.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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