एंटीलिया बम कांड में सचिन वाझे को जमानत, मुंबई समेत पांच जिलों में एंट्री पर रोक

उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटक सामग्री से भरी एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी. मामले की जांच के दौरान कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या का मामला भी सामने आया.

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सचिन वाझे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया गया था. (Photo: ANI)

एंटीलिया विस्फोटक मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन हत्याकांड में बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को बड़ी राहत मिली है. मुंबई की विशेष NIA अदालत ने सोमवार, 29 सितंबर 2026 को सचिन वाझे की जमानत याचिका मंजूर कर ली. विशेष न्यायाधीश चकोर एस. बाविस्कर ने लंबे समय से जेल में रहने और मुकदमे की सुनवाई में लगने वाले संभावित समय को देखते हुए जमानत देने का फैसला किया.

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सचिन वाझे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया गया था और वह करीब साढ़े पांच साल से जेल में बंद हैं. अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानतदार के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया है.

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हालांकि, अदालत ने जमानत के साथ कई कड़ी शर्तें भी लगाई हैं. मुख्य गवाहों के बयान दर्ज होने तक सचिन वाझे के मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में प्रवेश पर रोक रहेगी. उन्हें सात दिनों के भीतर इन पांच जिलों से बाहर अपने प्रस्तावित निवास का पता अदालत को देना होगा. इसके अलावा, सचिन वाझे को अपना पासपोर्ट NIA के पास जमा करना होगा. उन्हें हर रविवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच स्थानीय पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी. NIA या पुलिस के फोन अथवा वीडियो कॉल पर मांग किए जाने पर उन्हें अपनी लोकेशन भी साझा करनी होगी. अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

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लंबे समय से जेल में रहने को बनाया आधार

जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सचिन वाझे के लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने और मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में लगने वाले समय को भी ध्यान में रखा. मामले में करीब 320 गवाह हैं, जबकि आरोपपत्र 14 हजार से अधिक पन्नों का बताया गया है. अदालत ने सह-आरोपियों को मिली जमानत का भी संज्ञान लिया. इस मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा, सुनील माने और रियाजुद्दीन काजी समेत कुछ अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है.

UAPA के आरोपों पर भी अदालत की टिप्पणी

अदालत ने मामले में लगाए गए UAPA के आरोपों पर भी टिप्पणी की. अदालत के मुताबिक, जिस वाहन में जिलेटिन की छड़ें रखी गई थीं, उनमें डेटोनेटर नहीं था. अदालत ने प्रथम दृष्टया यह भी कहा कि इससे प्रत्यक्ष आतंकी कृत्य या देश की आर्थिक सुरक्षा को खतरा होने का मामला स्पष्ट नहीं होता. अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि मामले में पीड़ितों या अंबानी परिवार के किसी सदस्य का बयान दर्ज नहीं किया गया है.

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अन्य मामलों के चलते रिहाई पर संशय

हालांकि, एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन हत्याकांड में जमानत मिलने के बावजूद सचिन वाझे की तत्काल जेल से रिहाई पर संशय बना हुआ है. उनके खिलाफ अन्य मामले भी लंबित हैं. यदि उन मामलों में उनकी हिरासत जारी रहती है, तो उन्हें जेल से बाहर आने के लिए अलग से राहत हासिल करनी पड़ सकती है. गौरतलब है कि फरवरी 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटक सामग्री से भरी एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी. मामले की जांच के दौरान कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या का मामला भी सामने आया. दोनों मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने की.

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