Iran UAE meeting: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ देखने को मिला. सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अचानक अहम मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने पुरानी कड़वाहट को भुलाकर नए सिरे से संबंध सुधारने और भविष्य की ओर देखने पर सहमति जताई. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब 14 सितंबर को ओमान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य समझौते को लेकर खाड़ी देशों के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है.
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ईरान-यूएई की इस नजदीकी पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. ट्रंप ने इस बैठक पर बेपरवाह रुख अपनाते हुए कहा, “मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता (‘I don’t care’), यह उन पर निर्भर करता है और यह ठीक है.” हालांकि, इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के जल्द खत्म होने का दावा भी कर दिया. आयरिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध इसी साल, शायद नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद या उससे पहले ही खत्म हो जाएगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि युद्ध खत्म होते ही पेट्रोल और गैसोलीन की कीमतों में भारी गिरावट आएगी.
ट्रंप ने आगे दावा किया कि तेहरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए लगातार संपर्क साध रहा है. उन्होंने कहा, “ईरान एक डील करना बहुत चाहता है और वे लगातार फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एक सही और सख्त डील करनी होगी. मैं किसी कमजोर समझौते पर राजी नहीं होने जा रहा.”
दूसरी तरफ, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने साफ किया कि ईरान को यूएई या अपने पड़ोसी मुल्कों से कोई समस्या नहीं है, बल्कि उनका विरोध सिर्फ इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर है. उन्होंने ब्रिक्स मंच से पश्चिमी प्रतिबंधों और हमलों की कड़ी निंदा की. वहीं, ब्रिक्स घोषणापत्र में भी सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने और बातचीत के जरिए शांति बहाली की अपील की गई है.
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