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क्या है ईरान का पिकैक्स माउंटेन और इसे क्यों उड़ाना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप, क्या बंकर बस्टर बम से करेंगे हमला?

अमेरिका के निशाने पर ईरान का पिकैक्स माउंटेन न्यूक्लियर प्लांट आ गया है, जो सीक्रेट अंडरग्राउंड कैंपस है. इसके अंदर यूरेनियम प्रोसेसिंग होने, यूरेनियम प्रोसेसिंग के लिए जरूरी सेंट्रीफ्यूज मशीनें बनने और प्रोसेस्ड यूरेनियम का स्टॉक होने का दावा अमेरिका ने किया है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के पिकैक्स माउंटेन पर बने परमाणु ठिकाने को तबाह करने की धमकी दी है. हालांकि अमेरिका और इजरायल ने आज तक ईरान के इस परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन इस बार राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पेशली पिकैक्स माउंटेन का नाम लेकर जल्द से जल्द हमला करने की धमकी दी है. हालांकि इस परमाणु ठिकाने के पिकैक्स माउंटेन के नीचे गहराईमें होने और मजबूत हाईटेक सिक्योरिटी के कारण अमेरिका के लिए इसे उड़ाना आसान नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि अमेरिकी सेना बंकर बस्टर बम GBU-57 से हमला कर सकती हैं, जो 300 मीटर की गहराई तक घुसने में सक्षम हैं.

ईरान का सीक्रेट अंडरग्राउंड न्यूक्लियर प्लांट

बता दें कि दुनियाभर के एक्सपर्ट पिकैक्स माउंटेन को ईरान का न्यूक्लियर बंकर कहते हैं, जहां से ईरान का पूरा न्यूक्लियर प्रोग्राम संचालित होता है. इस माउंटेन पर ईरान का सीक्रेट अंडरग्राउंड न्यूक्लियर प्लांट है. पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज परमाणु ठिकाने से 2 किलोमीटर दूर और राजधानी तेहरान से 200 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में है. पिकैक्स माउंटन करकस पर्वतमाला का हिस्सा है और शुष्क पठारी एरिया में काशान एवं अर्दिस्तान के बीच 100 किलोमीटर से ज्यादा एरिया में फैला है. पिकैक्स माउंटेन समुद्रतल से 1600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसकी तलहटी में जमीन के नीचे 100 मीटर की गहराई में परमाणु ठिकाना बना है.

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पहाड़ के अंदर 4 सुरंगों वाला परमाणु ठिकाना

जून 2025 में अमेरिकी हमलों से ईरान के नतांज परमाणु ठिकाने को बेशक नुकसान पहुंचा, लेकिन अमेरिका पिकैक्स माउंटन और इसके अंदर बने परमाणु ठिकाने का बाल तक बांका नहीं कर पाया. पिकैक्स माउंटेन का आधिकारिक नाम Kuh-e Kolang Gaz La यानी Kolang है, जिसका मतलब पिकैक्स यानी कुदाल या चट्टानों को तोड़ने वाला औजार है. सैटेलाइट इमेज के अनुसार, इस माउंटेन के अंदर 4 सुरंगें बनाई गई हैं, जिनसे गुजरने के बाद ही मेन कैंपस तक पहुंचा जा सकता है. एक सुरंग के अंदर यूरेनियम प्रोसेसिंग के लिए जरूरी सेंट्रीफ्यूज मशीनें बनती हैं, दूसरी में यूरेनियम को प्रोसेस किया जाता है और तीसरी में संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक है.

ईरान का न्यूक्लियर प्लांट होने से साफ इनकार

अमेरिका लंबे समय से पिकैक्स माउंटेन और इसके अंदर पर परमाणु ठिकाने की निगरानी कर रह है. इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के रिकॉर्ड के अनुसार, पिकैक्स माउंटेन में निर्माण कार्य साल 2020 में शुरू हुआ था. यहां शुरुआत में सेंट्रीफ्यूज मशीनें बनाई जाती हैं, लेकिन अमेरिका का दावा है कि आज इसके अंदर यूरेनियम का संवर्धन भी होता है. हालांकि 22 जुलाई 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि पिकैक्स माउंटेन में कोई परमाणु गतिविधि नहीं होती है. लेकिन सैटेलाइट इमेज के आधार पर अमेरिका दावा कर रहा है कि पिकैक्स माउंटेन ईरान का मेन न्यूक्लियर प्लांट हैं और सभी परमाणु ठिकाने यहीं से मैनेज किए जाते हैं.

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बंकर बस्टर बम पिकैक्स माउंटेन को भेद सकता

विशेषज्ञों के अनुसार, पिकैक्स माउंटेन पर अमेरिका आज तक हमला नहीं कर पाया. इसकी सबसे बड़ी वजह गहराई और मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम है. ऐसे में अमेरिकी सेना अगर इसे निशाना बनाना चाहती है तो बंकर बस्टर बम gbu-57 से हमला करना होगा. यह बम जमीन के अंदर करीब 300 मीटर की गहराई तक जाकर हमला करने में सक्षम हैं. यह बम पहले जमीन या कंक्रीट की मजबूत परत को भेदते हैं और फिर अंदर घुसकर खुद-ब-खुद ब्लास्ट हो जाते हैं. अमेरिका के पास ही दुनिया का सबसे शक्तिशाली भूमिगत ठिकाने को भेदने वाले हथियारों में शामिल GBU-57 बम हैं. लेकिन अमेरिकी सेना के लिए इससे पिकैक्स माउंटेन को भेदना मुश्किल प्रतीत हो रहा है.

पिकैक्स माउंटेन के अंदर कितनी मजबूत सुरक्षा?

पिकैक्स माउंटेन को एक बम से भेदना और तबाह करना मुश्किल है, इसलिए अमेरिकी सेना को एक साथ कई बम इसके ऊपर गिराने होंगे, तब कोई फायदा होगा. वैसे ईरान ने पिकैक्स माउंटेन के आस-पास सुरक्षा का बहुत बड़ा और मजबूत घेरा बनाया हुआ है. सुरंगों के एंट्री गेट काफी मजबूत और टाइट सिक्योरिटी में हैं. सुरंग के मुहानों पर कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परतें बनाई गई हैं. पूर्वी हिस्से की दो सुरंगों के मुहानों को मिट्टी से भरा गया है, ताकि जमीन के रास्ते से इसके अंदर कोई वाहन न घुस सके. वहीं परमाणु ठिकाने के मेन कैंपस तक पहुंचने के लिए दुश्मन को माउंटेन के बाहर और सुरंगों के अंदर तैनात हजारों हथियारों से लैस जवानों का मुकाबला करना होगा.

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First published on: Sep 05, 2026 12:37 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग में बतौर चीफ सब एडिटर सेवाएं दे रही हैं। यहां की कोर टीम का हिस्सा हैं और नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ रखती हैं।

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