India Bangladesh Relation: बांग्लादेश ने भारत के साथ अपने रिश्तों में नई शुरुआत करने की बात कही है. उसका कहना है कि भविष्य में आपसी हितों और सीधी बातचीत के आधार पर रिश्ते आगे बढ़ने चाहिए. विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान रिश्तों को ‘असहज’ बताया और कहा कि ढाका अब नई दिल्ली के साथ रिश्तों के लिए एक नया ढांचा बनाना चाहता है. रविवार, 13 सितंबर 2026 को ढाका में पत्रकारों से बात करते हुए कबीर ने कहा कि बांग्लादेश के नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत बहुपक्षीय मंचों के बजाय बाइलेट्रल जरिए से होनी चाहिए.
‘भारत के मोह से बाहर निकलें’
कबीर ने बांग्लादेश से भारत को लेकर संतुलित नजरिया अपनाने की भी गुजारिश की है. उन्होंने तर्क दिया कि नई दिल्ली को उन कई देशों में से एक के तौर पर देखा जाना चाहिए जिनके साथ ढाका कंस्ट्रक्टिव रिलेशन रखना चाहता है. उन्होंने कहा, ‘हमें भारत के प्रति हद से ज्यादा लगाव से बाहर निकलना होगा. भारत सिर्फ एक दूसरा देश है और बांग्लादेश उसके साथ अच्छे बाइलेट्रल रिलेशन चाहता है.’ अपनी बात को समझाते हुए मंत्री ने कहा, ‘भारत में नाश्ता, भारत में लंच, भारत में डिनर – तो फिर आप अपना खाना कब खाएंगे?’ उनके ये बयान भारत-बांग्लादेश के बीच टेंशन भरे रिश्तों के बीच आए हैं, खासकर तब जब अगस्त 2024 में युवाओं के आंदोलन के दौरान सत्ता से हटाए जाने के बाद भारत ने शेख हसीना को शरण दी थी.
ब्रिक्स इंविटेशन विवाद
ये कमेंट ऐसे वक्त में भी आए हैं जब बांग्लादेश ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे. ढाका का कहना था कि रहमान को पीएम के तौर पर इंवाइट नहीं किया गया था, जबकि भारत ने उन्हें बिम्सटेक (BIMSTEC) के चेयरमैन के तौर पर इंवाइट किया था. खबरों के मुताबिक, पहले एक अलग बाइलेट्रल इंविटेशन भी भेजा गया था. गौरतलब है कि 2 दिन का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हुआ.
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तारिक रहमान की UN यात्रा
कबीर ने आगे बताया कि बांग्लादेश की पीएम तारिक रहमान 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क जाएंगे. उनके 26 सितंबर तक वहां रहने की उम्मीद है. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस विजिट के दौरान रहमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं, तो कबीर ने कहा कि ऐसी मीटिंग्स अक्सर बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान शॉर्ट नोटिस पर तय होती हैं. उन्होंने कहा कि रहमान के दौरे का अहम मकसद संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होना होगा, जबकि किसी भी एडिशनल मीटिंग की जानकारी बाद में सामने आएगी.