Noida Airport: ग्रेटर नोएडा के पास जेवर में एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान की सफलतापूर्वक लैंडिंग भी हुई। इंडिगो का विमान इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जेवर एयरपोर्ट तक 10 मिनट में पहुंचा। यहां अप्रैल 2025 से नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी। जानकारी के अनुसार, यहां कुल 6 रनवे बनाए जाएंगे। इसे देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसे अप्रैल तक दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। आइए आपको बताते हैं कि नोएडा एयरपोर्ट से लोगों को क्या-क्या फायदा होगा?
टिकट मिलेंगी सस्ती
बताया जा रहा है कि नोएडा एयरपोर्ट पर टिकटें सस्ती मिलेंगी। यूपी सरकार टिकटों के दाम 15-20 प्रतिशत तक घटा सकती है। दिल्ली के पास नोएडा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का उद्देश्य पैसेंजर के लोड को घटाना है। ऐसा सस्ती टिकट से संभव है। इसलिए टिकटों के प्राइस कम करने की प्लानिंग की जा रही है।
100 बसों को चलाने की प्लानिंग
अप्रैल 2025 से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट के लिए बस सर्विस शुरू होगी। ये सिर्फ एयरपोर्ट के लिए ही होगी। प्लानिंग के तहत शुरू में 100 बसों को चलाने की बात कही जा रही है। जो बाद में बढ़कर 250 कर दी जाएंगी।
बेहतरीन कनेक्टिविटी
नोएडा से जेवर एयरपोर्ट करीब 57 किलोमीटर पड़ेगा। जबकि दिल्ली से इसकी दूरी करीब 78 किलोमीटर होगी। जेवर एयरपोर्ट तक यमुना एक्सप्रेसवे से पहुंचा जा सकेगा। यह अलीगढ़, वृंदावन, मथुरा और आगरा के पास रहेगा। ऐसे में कई बड़े शहरों से इसकी कनेक्टिविटी काफी आसान होगी। जानकारी के अनुसार, नोएडा के जेवर एयरपोर्ट की शुरुआत 60 फ्लाइट से होगी। फिलहाल ये तय नहीं है कि किन-किन शहरों के लिए उड़ानें होंगी, लेकिन माना जा रहा है कि देशभर के प्रमुख और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी वाले शहरों के लिए यहां से उड़ानें जाएंगी। दुबई, सिंगापुर और ज्यूरिख के लिए इंटरनेशनल उड़ानें तय हो चुकी हैं।
जमीन की कीमतों में इजाफा
मेट्रो-एक्सप्रेसवे-पॉड टैक्सी को लेकर भी काम चल रहा है। इसके साथ ही यहां जमीन की कीमतों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। जिससे जमीन में निवेश करने वाले लोगों को काफी फायदा होगा। यहां जमीन की कीमतें आसमान छूने की उम्मीद है।
अप्रैल 2025 में पूरा होगा पहला चरण
जानकारी के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण अप्रैल 2025 में पूरा होगा। इसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ पैसेंजर्स की होगी। अब तक दिल्ली एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 7.36 और मुंबई की 5.28 करोड़ है। यात्रियों की सालाना संख्या बढ़ने के साथ रनवे की संख्या भी बढ़ती जाएगी। नोएडा एयरपोर्ट पर कुल छह रनवे बनाए जाएंगे।
एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 6200 हेक्टेयर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह देश का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा। क्षेत्रफल और रनवे की संख्या में यह देश में सभी एयरपोर्ट को मात देगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 6200 हेक्टेयर है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर में एयरपोर्ट का निर्माण हुआ है। 3900 मीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े रनवे के साथ इसकी शुरुआत होगी।