मेरठ के सौरभ राजपूत मर्डर केस में क्या मुस्कान-साहिल दोषी? कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

मेरठ के बहुचर्चित मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज जिला अदालत अपना बड़ा फैसला सुनाएगी. नीले ड्रम में शव मिलने के इस सनसनीखेज मामले में अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर फांसी की मांग की है. अदालत पहले तय करेगी कि पत्नी मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल दोषी हैं या नहीं, जिसके बाद सजा पर बहस होगी.

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मेरठ के बहुचर्चित मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज जिला अदालत अपना बड़ा फैसला सुनाएगी. Credit - : Screengrab

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उत्तर प्रदेश के मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के चर्चित ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में आज, 30 सितंबर को इंसाफ की घड़ी आ गई है. मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में जिला जज की अदालत आज अपना फैसला सुनाएगी. कोर्ट पहले यह तय करेगा कि मामले की मुख्य आरोपी व सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसका प्रेमी साहिल दोषी हैं या नहीं. दोष सिद्ध होने के बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई की जाएगी. 17 सितंबर को मामले में दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो चुकी है. अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है.

अदालत में हत्या से पहले और बाद की पूरी साजिश से जुड़े सबूत रखे गए. इनमें नशीली गोलियां, चाकू, नीला ड्रम, सीमेंट और रेत खरीदने से जुड़े पुख्ता साक्ष्य शामिल हैं. अभियोजन का तर्क है कि शव को ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर ठिकाने लगाने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही भंडाफोड़ हो गया.

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22 गवाहों के बयान दर्ज

पीड़ित परिवार के अधिवक्ता विजय बहादुर ने बताया कि वादी पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए. इनमें सौरभ का भाई बबलू, मां और दोस्त के अलावा वे दुकानदार भी शामिल हैं जिनसे ड्रम, दवाइयां, चाकू और सीमेंट खरीदे गए थे. इसके अलावा वारदात के बाद आरोपियों के घूमने जाने के साक्ष्य भी अदालत में पेश किए गए. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रेखा जैन ने दलील देते हुए आरोपियों द्वारा हत्या किए जाने की बात से साफ इनकार किया है.

जेल में पूजा-पाठ कर रही मुस्कान

मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, मुस्कान जेल में धार्मिक गतिविधियों में ज्यादा समय बिता रही है. वह सुंदरकांड, संध्या और शिव पूजा करती है, जबकि साहिल अन्य बंदियों से दूरी बनाकर अपने काम में लगा रहता है. अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं.

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मेरे बेटे की हत्या कर घूमने चली गई थी मुस्कान: मृतक की मां

मृतक सौरभ राजपूत की मां ने आरोप लगाया था कि मुस्कान और उसके साथी साहिल ने मिलकर उनके बेटे की बेरहमी से हत्या की. हत्या के बाद दोनों लाश को कमरे में बंद कर घूमने चले गए थे. इस बीच जब मकान मालिक ने कमरा खाली करने का दबाव बनाया तो दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. उन्होंने बताया कि शव को एक बड़े ड्रम में रखकर शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही थी. जब मजदूरों से भारी ड्रम नहीं उठा और उन्होंने पूछा कि इसमें क्या है, तो मुस्कान ने कहा कि घर का पुराना कबाड़ भरा है. लेकिन अचानक ड्रम का ढक्कन खुल गया और अंदर से तेज दुर्गंध आने लगी. मजदूरों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी. उन्होंने पड़ोसियों के हवाले से बताया कि सौरभ और मुस्कान की मासूम बच्ची ने भी कहा था कि “पापा को ड्रम में रखा गया है”, जिससे साफ है कि बच्ची ने कुछ देखा था.

‘मेरी बेटी को लाइव फांसी दी जाए’: आरोपी के पिता

वहीं, आरोपी मुस्कान के पिता ने भी अपनी बेटी के इस कृत्य पर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने साफ कहा, “मेरी बेटी ने अपने पति सौरभ की हत्या की है. वह समाज में रहने लायक नहीं है और सबके लिए खतरनाक है. उसे फांसी की सजा होनी चाहिए और अगर संभव हो तो इसे लाइव दिखाया जाए ताकि दूसरों को सबक मिले.”

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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