---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

рд╡рд╕реБрдВрдзрд░рд╛-рдЧрд╣рд▓реЛрдд рдХреЗ рдирд┐рд╡реЗрд╢ рд╕рдореНрдореЗрд▓рдиреЛрдВ рдХрд╛ рдХреНрдпрд╛ рд╣реБрдЖ рд╣рд╢реНрд░? рднрдЬрдирд▓рд╛рд▓ рд╕рд░рдХрд╛рд░ рдХреА рдХрд╕реМрдЯреА рдкрд░ ‘рд░рд╛рдЗрдЬрд┐рдВрдЧ рд░рд╛рдЬрд╕реНрдерд╛рди’

Rising Rajasthan Summit:┬ард░рд╛рдЬрд╕реНрдерд╛рди рдореЗрдВ 'рд░рд╛рдЗрдЬрд┐рдВрдЧ рд░рд╛рдЬрд╕реНрдерд╛рди' рд╕рдорд┐рдЯ рдХрд╛ рдЖрдпреЛрдЬрди 9 рд╕реЗ 11 рджрд┐рд╕рдВрдмрд░ рддрдХ рд╣реЛрдирд╛ рд╣реИред рд╕рд░рдХрд╛рд░ рдиреЗ рдЗрд╕рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдкреВрд░реА рддреИрдпрд╛рд░реА рдХрд░ рд▓реА рд╣реИред рдЖрдЗрдП рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВ рдкрд┐рдЫрд▓реА рдЗрдВрд╡реЗрд╕реНрдЯрдореЗрдВрдЯ рд╕рдорд┐рдЯ рдХрд╛ рдХреНрдпрд╛ рд╣рд╛рд▓ рд░рд╣рд╛ рд╣реИ рдФрд░ рдЗрд╕ рдмрд╛рд░ рдХреНрдпрд╛ рдЙрдореНрдореАрджреЗрдВ рд╣реИрдВред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

के जे श्रीवत्सन, जयपुर 

Rising Rajasthan Summit: राजस्थान की भजनलाल सरकार 9 से 11 दिसंबर तक राइजिंग राजस्थान सम्मेलन का कार्यक्रम कर रही है। जिसमें देश-विदेश के निवेशकों को राजस्थान में निवेश करने और निवेश की संभावनाओं की तलाश के लिए बुलाया गया है। दावा है कि इस सम्मलेन के जरिए सरकार 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश करवाने की कोशिश में है, लेकिन सवाल यह भी उठ रहे हैं कि इससे पहले भी वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत ने अपने अपने शासनकाल में निवेशकों का बड़ा सम्मलेन किया था, लेकिन जितने दावे निवेश और एमओयू को लेकर किए गए, उसका 10 फीसदी भी नहीं आया। जबकि निवेशक सम्मलेन को लेकर जो खर्चे हुए, उसने एक बार तो सारे बजट को ही बिगाड़ कर रख दिया।

---विज्ञापन---

रिसर्जेंट, इन्वेस्ट और इस बार राइजिंग राजस्थान

कहते हैं कि नाम में क्या रखा है, लेकिन बात निवेश की थी, तो पिछली सरकारों ने धनकुबेरों को आकर्षित करने के लिए नाम पर खास ध्यान दिया था। भजनलाल सरकार ने निवेशकों को लुभाने के लिए जो 9, 10 और 11 दिसंबर 2024 को जो सम्मलेन रखा है उसे ‘राइजिंग राजस्थान’ नाम दिया गया है। जबकि वसुंधरा राजे ने सीएम रहते हुए साल 2015 में ‘रिसजेंट राजस्थान’ नाम से निवेशकों का यह कार्यक्रम किया था। इसी तरह अशोक गहलोत ने तीसरी बार सीएम रहने के दौरान साल 2022 में ‘इन्वेस्ट राजस्थान’ नाम से एसा ही बड़ा कार्यक्रम किया।

---विज्ञापन---

निवेश के दावों की हकीकत

बात करें वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हुए ‘रिसर्जेंट राजस्थान’ की तो इस दौरान 3 लाख 40 करोड़ रुपये के 470 मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग यानी MOU से इस रकम की निवेश का दावा किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद भी केवल 33 हजार करोड़ का ही निवेश जमीन पर लाने में उनकी सरकार और उस सरकार के अधिकारी कामयाब हो पाए। यानी जो MOU हुए थे उसमें से महज 18 फीसदी MOU ही क्रियान्वित हो पाए।

ये भी पढ़ें: टीना डाबी की फैमिली के लिए आई गुड न्यूज, बहन के साथ प्रमोशन देने की तैयारी में भजनलाल सरकार

---विज्ञापन---

अब तक नहीं मिली मंजूरी 

करीब 20 फीसदी ऐसे MOU आज भी पेंडिंग हैं, जो अधिकारियों की लापरवाही या किसी ना किसी वजह से अब भी अटके पड़े हैं। यही नहीं, करीब 18 से 20 MOU ऐसे भी हैं, जिन्हें उस कार्यक्रम के बाद आज तक मंजूरी तक नहीं मिल पाई। यानी महज 10 फीसदी निवेशकों ने ही सरकार से किए अपने वादे को पूरा करते हुए राजस्थान में निवेश किया। यहां वसुंधरा राजे सरकार के लिए फजीहत का कारण यह भी रहा कि करीब सवा लाख करोड़ रुपये के निवेश तो इस कार्यक्रम के खत्म होने के कुछ महीनों के भीतर ही निरस्त भी हो गए। खुद वसुंधरा राजे कुछ समझ पातीं, निवेशकों के जाने के साथ ही उनकी सरकार भी विधानसभा चुनावों के बाद चली भी गई।

महज 2 फीसदी निवेशकों ने ही निभाया वादा

इसी तरह अशोक गहलोत के तीसरे शासनकाल के चौथे साल में हुए ‘इन्वेस्ट राजस्थान’ सम्मलेन में 12 लाख 53 हजार करोड़ रुपये के 4,195 MOU धड़ाधड़ कर दिए गए, लेकिन बात जब निवेश की आई तो लाखों की बात तो छोड़िए, महज 26 हजार करोड़ का ही निवेश जमीन पर नजर आया। यानी दावे के उलट महज 2 फीसदी निवेशकों ने ही सरकार से अपने निवेश के वादे को निभाया। इस दौरान 32 फीसदी निवेशक तो ऐसे भी थे जिनके साथ करार होने के बावजूद भी उन्हें किसी न किसी वजह से बाद में रद्द करना पड़ा।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: सैलून में करा रहा था शेविंग, 8 लोग आए और काट दी नाक, जानें पूरा मामला

दावा किया जा रहा है कि करीब 22 फीसदी करार अभी भी प्रक्रियाधीन हैं। सरकार की फजीहत इसलिए भी होती दिखी कि कई निवेशकों ने तो सरकार को लिखकर भी दे दिया कि सरकार ने अपने वादे के मुताबिक, ना तो उन्हें जमीन दी और ना ही इन्फ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाया और वादे के मुताबिक चुनावी साल में यह सब करवाना खुद तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत के लिए भी संभव ही नहीं हो पाया।

---विज्ञापन---

20 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा

अब बात भजनलाल सरकार की बात करें तो सत्ता में आए अभी 1 साल का वक्त भी पूरा नहीं हुआ है और पहले ही साल में धनकुबेरों के निवेशकों के सम्मलेन को आयोजित कर रही है। दावे भी वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत की तत्कालीन सरकारों की तुलना में दावे सबसे बड़े 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश को लाने के हैं। खुद सीएम भजनलाल कह रहे हैं कि पहले साल तमाम सुविधाएं, वादें और इरादों के जरिये करार कर रहे हैं, अब बाकी चार साल उनकी सरकार निवेशकों से किए गए करार को जमीन पर उतारने के लिए काम करेगी।

प्री-इन्वेस्ट समिट से मजबूत करार का दावा

‘राइजिंग राजस्थान’ सम्मलेन से करीब डेढ़ महीने पहले ही खुद भजनलाल सरकार और उनके तमाम मंत्री देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेश दौरे पर भी गए। खास तौर पर वहां रहकर सफल उद्यमी बनने वाले प्रवासी राजस्थानियों पर ही पूरा और बड़ा फोकस करते उन्हें अपनी मातृभूमि में निवेश के लिए राजी किया। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों में अलग-अलग जगह पर स्थानीय निवेशकों को बुलाकर प्री-समिट आयोजित किए।

---विज्ञापन---

कैसे आएगा निवेश! 

बड़ा सवाल यही है कि जब वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत जैसे अनुभवी दिग्गज अपने दावे के मुताबिक निवेश को नहीं ला पाए तो आखिरकार पहली बार सीएम बनने वाले भजनलाल शर्मा कैसे लक्ष्य को पाएंगे। इसका सीधा सा जवाब है- सत्ता में आने के पहले साल में ही बीजेपी इस निवेशक सम्मेलन को कर रही है। यानी अभी पूरे चार साल हैं। सरकार के पास निवेशकों की तमाम शंकाओं और मुश्किलों को दूर करके उससे पैसे निवेश करवाने का पूरा मौका है। उससे भी बड़ी बात तो यह भी है कि हर एक निवेशक से वादे के मुताबिक निवेश करवाने के लिए एक IAS और RAS अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। जिनकी जिम्मेदारी होगी कि वे उन्हें मनाएं, उनके निवेश में आ रही अड़चन दूर करें। बहरहाल भजनलाल सरकार का राइजिंग राजस्थान कसौटी पर रहेगा और आने वाले दिनों में आंकड़े ही बताएंगे कि सरकार निवेश के अपने मकसद में कितना कामयाब रही है।

ये भी पढ़ें: गजब… भैंस किसकी? पुलिस ने मालिक का पता लगाने के लिए थाने बुलाए बच्चे, फिर ऐसे हुआ फैसला

---विज्ञापन---

First published on: Dec 06, 2024 06:18 PM

End of Article

About the Author

Pushpendra Sharma

рдкреБрд╖реНрдкреЗрдиреНрджреНрд░ рд╢рд░реНрдорд╛ рдиреНрдпреВрдЬ 24 рд╡реЗрдмрд╕рд╛рдЗрдЯ рдореЗрдВ 'рдбреЗрд╕реНрдХ рдЗрдВрдЪрд╛рд░реНрдЬ' рдХреА рдЬрд┐рдореНрдореЗрджрд╛рд░реА рд╕рдВрднрд╛рд▓ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВред рд▓рдЧрднрдЧ 17 рд╡рд░реНрд╖реЛрдВ рд╕реЗ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ (рдкреНрд░рд┐рдВрдЯ, рдЯреАрд╡реА, рд╡реЗрдм) рдореЗрдВ рдХрд╛рдо рдХрд░ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВред рдореВрд▓рдд: рд░рд╛рдЬрд╕реНрдерд╛рди рднрд░рддрдкреБрд░ рдХреЗ рдирд┐рд╡рд╛рд╕реА рд╣реИрдВред рдЗрдиреНрд╣реЛрдВрдиреЗ рдЕрдкрдиреЗ рдХрд░рд┐рдпрд░ рдХреА рд╢реБрд░реБрдЖрдд 2008 рдореЗрдВ рдкреНрд░рд┐рдВрдЯ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ Dainik Bhaskar рд╕реЗ рдХреА рдереАред рдЗрд╕рдХреЗ рдмрд╛рдж Rajasthan Patrika, Bhaskar.com рдФрд░ DNA Hindi (Zee Media) рдЬреИрд╕реЗ рд╕рдВрд╕реНрдерд╛рдиреЛрдВ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдХрд╛рдо рдХрд┐рдпрд╛ред News24 Website рдореЗрдВ рдиреНрдпреВрдЬ рдЯреАрдо рдХреЛ рд▓реАрдб рдХрд░ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВред рдЗрд╕рдХреЗ рд╕рд╛рде рд╣реА рд╕реНрдкреЛрд░реНрдЯреНрд╕ рдЯреАрдо рдХрд╛ рд▓реАрдб рдХрд░ рдЪреБрдХреЗ рд╣реИрдВред рдЕрдкрдиреЗ рдХрд░рд┐рдпрд░ рдореЗрдВ рд▓рдЧрднрдЧ рд╕рднреА рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ (рд░рд╛рдЬрдиреАрддрд┐, рдХреНрд░рд╛рдЗрдо, рджреЗрд╢-рд╡рд┐рджреЗрд╢, рд╢рд┐рдХреНрд╖рд╛, рдХреНрд░рд┐рдХреЗрдЯ, рд▓рд╛рдЗрдлрд╕реНрдЯрд╛рдЗрд▓, рдордиреЛрд░рдВрдЬрди рдЖрджрд┐) рдкрд░ рд░рд┐рдкреЛрд░реНрдЯрд┐рдВрдЧ рдХрд╛ рдЕрдиреБрднрд╡ рд░рдЦрддреЗ рд╣реИрдВред рд╕рд╛рде рд╣реА рдПрдбрд┐рдЯрд┐рдВрдЧ рдХрд╛ рдХрд╛рд░реНрдп рдХрд░ рдЪреБрдХреЗ рд╣реИрдВред рдиреНрдпреВрдЬ 24 рдкрд░ рд╕рдмрд╕реЗ рдкрд╣рд▓реЗ рдФрд░ рд╕рдмрд╕реЗ рд╕рдЯреАрдХ рдЦрдмрд░реЗрдВ рдкреНрд░рдХрд╛рд╢рд┐рдд рд╣реЛрдВ рдФрд░ рд╕рд╣реА рддрдереНрдпреЛрдВ рдХреЗ рд╕рд╛рде рдкрд╛рдардХреЛрдВ рддрдХ рдкрд╣реБрдВрдЪреЗрдВ, рдЗрд╕реА рдЙрджреНрджреЗрд╢реНрдп рдХреЗ рд╕рд╛рде рд╕рддрдд рд▓реЗрдЦрди рдЬрд╛рд░реА рд╣реИред

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola