राजस्थान निकायों में BJP का 197 पदों पर कब्जा, कांग्रेस से दोगुने अंतर से दर्ज की प्रचंड जीत
Rajasthan News: राजस्थान में शहरी स्थानीय निकायों में बीजेपी ने न सिर्फ प्रचंड जीत हासिल की, बल्कि मेयर, चेयरपर्सन या प्रेसिडेंट के ज्यादातर पदों पर अपना कब्जा जमाया, वहीं कांग्रेस ने 94 पद हासिल किया है.
जीत का जश्न मनाते राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा (Photo-X/@BhajanlalBjp)
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Rajasthan Civic Polls: राजस्थान की 301 शहरी स्थानीय निकायों में से 197 में BJP ने मेयर, चेयरपर्सन या प्रेसिडेंट का पद हासिल किया है, जिनके नतीजे का अब तक ऐलान हो चुका है. ये कांग्रेस के 94 पदों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है. निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 टॉप पोस्ट जीते हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP), CPM और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने एक-एक पद हासिल किया है. सोमवार को 273 शहरी स्थानीय निकायों में सिविक बॉडीज के हेड के लिए चुनाव हुए. शेड्यूल में शामिल 32 बाकी निकायों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए.
BJP का प्रदर्शन वार्ड चुनावों से बेहतर
लीडरशिप के चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन पार्षद चुनावों की तुलना में ज्यादा मजबूत रहा है. पार्टी ने चुनाव लड़े गए 10,244 वार्डों में से 4,182 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने 3,619 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्ड जीते. चुने गए पार्षदों में निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या एक-चौथाई से ज्यादा होने के बावजूद, उन्हें अब तक सिर्फ 7 टॉप पोस्ट ही मिले हैं. उनकी जीत धौलपुर, हनुमानगढ़, सादुलशहर, सूरजगढ़, टोडाभीम, रियानबाड़ी और फतेह नगर-सनवाड़ में हुई. AAP की शीतल राठौर ने बारां में, CPM के बजरंगलाल ने नोखा में और RLP की अल्का ने मुंडवा में जीत हासिल की.
बीजेपी ने अब तक तय हुए 7 नगर निगम मेयर चुनावों में से 6 जीते हैं, जिनमें अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, पाली और उदयपुर शामिल हैं, वहीं कांग्रेस ने बीकानेर में जीत हासिल की. अजमेर में बीजेपी के 32 पार्षदों के मुकाबले कांग्रेस के 37 पार्षद थे, लेकिन BJP उम्मीदवार अनामिका शर्मा ने 43 वोटों से मेयर का चुनाव जीता. भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 65 में से 36 वार्ड जीते, फिर भी बीजेपी उम्मीदवार अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर बनीं.
बाकी चुनाव 25 सितंबर को होंगे
जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर के चुनाव, साथ ही सुकेत नगरपालिका में चेयरपर्सन का चुनाव 25 सितंबर को होना है. राजस्थान में कुल 309 शहरी स्थानीय निकाय हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इन नतीजों का क्रेडिट भजनलाल शर्मा सरकार की विकास योजनाओं को जनता से मिले समर्थन को दिया.
वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया गया. विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भी आरोप लगाया कि कई इलाकों में कांग्रेस प्रतिनिधियों को हिरासत में लिया गया और उन पर पाबंदियां लगाई गईं. बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने सरकारी ताकत का गलत इस्तेमाल नहीं किया है.