सुल्तानपुर चुनाव विवाद में चेतन पटेल समेत 28 पर FIR, टीकाराम जूली ने BJP सरकार पर साधा निशाना
कोटा के सुल्तानपुर नगरपालिका चुनाव के दौरान हंगामे के मामले में कांग्रेस विधायक चेतन पटेल समेत 28 लोगों पर FIR दर्ज हुई. मामले की जांच CID-CB को सौंपी गई है.
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली. (Image- X/@TikaRamJullyINC)
विज्ञापन
राजस्थान के कोटा जिले में सुल्तानपुर नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव के दौरान हुए विवाद को लेकर कांग्रेस विधायक चेतन पटेल समेत 28 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने विधायक और उनके समर्थकों पर सड़क जाम करने और सरकारी कर्मचारियों को काम करने से रोकने का आरोप लगाया है. मामले की जांच अब CID-CB को सौंप दी गई है.
टीकाराम जूली ने सरकार पर उठाए सवाल
इस मामले को लेकर राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि FIR के जरिए जनप्रतिनिधि की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है. जूली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि क्या अब सरकार से सवाल पूछना भी अपराध हो गया है? उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का कोई विधायक सवाल उठाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के दम पर इस तरह की कार्रवाई ठीक नहीं है.
विज्ञापन
राजस्थान में क्या अब सत्ता से सवाल पूछना भी अपराध हो गया है l और अगर सवाल विपक्ष का विधायक पूछ ले, तो सरकार उसे अपराधी साबित करने पर ही तुल जाती है।
जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को डराना, धमकाना, पुलिस-प्रशासन के दबाव में रखना और फिर FIR के जरिए उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना… pic.twitter.com/9zHZO9qQOq
यह मामला 21 सितंबर को सुल्तानपुर नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव के दौरान हुआ. पुलिस के मुताबिक, विधायक चेतन पटेल को मतदान स्थल में जाने से रोका गया था. इसके बाद कांग्रेस पार्षद और पार्टी के कुछ पदाधिकारी मौके पर विरोध करने लगे. पुलिस के अनुसार, जब भाजपा पार्षद की गाड़ी को अंदर जाने की अनुमति मिली तो कांग्रेस समर्थकों ने उसे रोकने की कोशिश की. इसके बाद चेतन पटेल भी मौके पर आए और वहां हंगामा हुआ.
पुलिस ने क्या आरोप लगाए?
पुलिस का कहना है कि विधायक और उनके समर्थकों ने सड़क जाम की, पुलिसकर्मियों से बहस की और पार्षदों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की. इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया. विधायक के खिलाफ दर्ज FIR को जांच के लिए CID-CB को भेजा गया है.