बिहार में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों का दौर जारी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में एक और अहम फैसला लिया है, जिससे सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
इससे पहले पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा द्वारा हड़ताली राजस्व कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश को पलटा गया था. अब उसी कड़ी में दूसरा बड़ा निर्णय लेते हुए विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को पद से हटा दिया गया है.
सीके अनिल को एक सख्त और ईमानदार अधिकारी के तौर पर देखा जाता रहा है, जो लंबे समय से राज्य के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सुधारने में जुटे थे. लेकिन अब उन्हें योजना परिषद में परामर्शी के पद पर भेज दिया गया है—एक ऐसा विभाग, जिसे लेकर यह कहा जाता है कि पिछले एक दशक से वहां कोई खास काम नहीं हुआ है. ऐसे में इस तबादले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
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सरकार ने उनकी जगह जय सिंह को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का नया प्रधान सचिव बनाया है. जय सिंह पहले से ही इसी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे और अब उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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