जन शक्ति जनता दल सुप्रीमो तेज प्रताप यादव और जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की सीक्रेट मीटिंग का वीडियो सामने आया है। जिसने बिहार के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। चर्चा है कि बिहार में फिर कोई नया और बड़ा खेल होने वाला है। यह मुलाकात बिहार की राजनीति के समीकरणों को बदल सकती है। जबकि हाल ही में नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और BJP ने मिलकर नया समीकरण बनाया। नीतीश कुमार को केंद्र सरकार ने बिहार से राज्यसभा में भेज दिया। वहीं सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर प्रदेश की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एंट्री कराकर नया आयाम लिख दिया।
आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा। मेरी मुलाकात Prashant Kishor जी से हुई, जहाँ हमने जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर गहन चर्चा की।
इस दौरान जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे… pic.twitter.com/ARcOHdbjHx---विज्ञापन---— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) April 21, 2026
वीडियो के साथ तेज प्रताप यादव की पोस्ट
तेजप्रताप यादव ने वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा। प्रशांत किशोर से मुलाकात हुई और हमने जनहित के साथ-साथ भविष्य की राजनीति को लेकर गहन चर्चा की। जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ, जो आने वाले समय में राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। प्रशांत किशोर के साथ हुए संवाद को मैं अपने राजनीतिक जीवन के एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में देखता हूं, जहां आगे बढ़ने का संकल्प और भी मजबूत हुआ।
दोनों का नए सियासी समीकरणों पर मंथन
बता दें कि राजनीतिक विशेषज्ञ तेज प्रताप और प्रशांत किशोर की मुलाकात को बिहार में नए राजनीतिक समीकरण के रूप में देख रहे हैं। हालांकि इस तरह की मुलाकातें औपचारिक या शिष्टाचार मुलाकातें होती हैं, लेकिन तेज प्रताप यादव खुद प्रशांत किशोर से मुलाकात को औपचारिक भेंट नहीं मानते। बल्कि मुलाकात में दोनों नेताओं ने बिहार के नए सियासी समीकरणों पर मंथन किया है। इसलिए बिहार में नए सियासी उलटफेर के कयास लग रहे हैं कि तेज प्रताप यादव अब नई राजनीतिक राह तलाश रहे हैं और लगता है कि वह राह प्रशांत किशोर की ओर बढ़ रही है, जो नया गठजोड़ साबित हो सकती है।
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विधानसभा चुनाव हारी थी दोनों की पार्टियां
बता दें कि अनुशासनहीनता के कारण लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बाहर निकाल दिया था। तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल पार्टी बना ली और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 लड़ा। जनसुराज ने भी विधानसभा चुनाव के दंगल में ताल ठोकी थी। लेकिन दोनों ही पार्टियों को हार का मुंह देखना पड़ा। तेज प्रताप यादव अब अकसर अपने भाई तेजस्वी यादव पर तंज कसते दिखते हैं। उन्हें सलाह भी देते हैं। हाल ही में तेज प्रताप पिता लालू यादव के साथ जन्मदिन मनाते दिखे थे, लेकिन दोनों की राजनीतिक राहें अब अलग हो चुकी हैं और आगे भी अलग ही रहेंगी।










