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बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव, CM पद छोड़ने के बाद नई भूमिका में दिखे नीतीश

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव! CM पद छोड़ने के बाद JDU ऑफिस पहुंचे नीतीश कुमार का दिखा अनोखा अंदाज. विकास के गीतों पर जब खुद बजाई ताली, तो भावुक हो गए कार्यकर्ता. जानिए संगठन को मजबूत करने के लिए क्या है नीतीश का नया 'मास्टर प्लान'.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Apr 26, 2026 14:35
Nitish Kumar

बिहार की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है. मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार अब पूरी तरह से ‘संगठन पुरुष’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं. उनका पूरा ध्यान अब जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की जड़ों को और मजबूत करने पर है. इसी रणनीति के तहत आज नीतीश कुमार जेडीयू के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने न केवल संगठन की नब्ज टटोली, बल्कि कार्यकर्ताओं में नया जोश भी भरा. मौका था दानवीर भामाशाह की जयंती का, जिसे जेडीयू कार्यालय में धूमधाम से मनाया जा रहा था. इस दौरान एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गीतों के जरिए बिहार में हुए विकास कार्यों की गाथा सुनाई गई. जब मंच पर नीतीश कुमार के संघर्षों और विकास कार्यों से जुड़े गीत बजने लगे, तो माहौल पूरी तरह बदल गया.

नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नीतीश कुमार की सक्रियता अब पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है. आज कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उनके साथ बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी और वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव भी मौजूद रहे. नीतीश कुमार ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया. जानकारों का मानना है कि यह दौरा महज औपचारिक नहीं था, बल्कि विरोधियों को यह कड़ा संदेश था कि नीतीश कुमार संगठन की कमान अब और भी मजबूती से संभाल रहे हैं.

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भावुक हुए कार्यकर्ता, नीतीश ने बजाई ताली

कार्यक्रम के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब माहौल काफी भावनात्मक हो गया. नीतीश कुमार की उपलब्धियों पर आधारित गीतों को सुनकर कई पुराने कार्यकर्ता भावुक नजर आए. वहीं, नीतीश कुमार खुद भी काफी उत्साहित दिखे; उन्होंने न सिर्फ मुस्कुराकर गीतों का आनंद लिया, बल्कि खुद ताली बजाकर गायकों का उत्साहवर्धन किया और साथ बैठे अन्य नेताओं को भी ताली बजाने के लिए प्रेरित किया.

क्या है सियासी संकेत?

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद नीतीश कुमार का यह ‘सॉफ्ट और एक्टिव’ अंदाज पार्टी के लिए संजीवनी का काम कर सकता है. कार्यकर्ताओं के साथ उनका यह सीधा जुड़ाव आने वाले चुनावों और सांगठनिक फेरबदल की बड़ी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है. साफ है कि नीतीश कुमार अब अपनी पार्टी को नई धार देने के लिए मैदान में उतर चुके हैं.

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First published on: Apr 26, 2026 02:35 PM

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