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बिहार

कौन हैं श्रवण कुमार, जो बने JDU विधायक दल के नेता? जानें- कैसे नीतीश कुमार ने चला सियासी दांव

नीतीश कुमार के विधान परिषद जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद खाली हुए इस पद को भरने के लिए श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी गई है. इसकी आधिकारिक जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को भी दे दी गई है.

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Edited By : Arif Khan Updated: Apr 21, 2026 15:40

बिहार की सियासत में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सबसे भरोसेमंद साथी पर दांव खेला है. नीतीश कुमार ने अपने गृह जिले नालंदा के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार को जेडीयू (JDU) विधायक दल का नया नेता चुना है. नीतीश कुमार के विधान परिषद जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद खाली हुए इस पद को भरने के लिए श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी गई है. इसकी आधिकारिक जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को भी दे दी गई है.

5 दशक का साथ और नीतीश का भरोसा

श्रवण कुमार को नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है. कुर्मी समाज से आने वाले श्रवण कुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा पांच दशक पहले नीतीश कुमार के साथ ही शुरू की थी. उनका सिायसी सफर साल 1974 के जेपी आंदोलन से ही शुरू हुआ था. तब से लेकर आज तक, श्रवण कुमार हर उतार-चढ़ाव में नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं.

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1995 से नालंदा के विधायक

श्रवण कुमार साल 1995 से लगातार नालंदा विधानसभा सीट से विधायक हैं. करीब तीन दशकों से इस सीट पर उनका एकछत्र राज है. वे नीतीश सरकार में ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य जैसे अहम विभागों के मंत्री रह चुके हैं. साल 2005 में जब नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री बने, तब से लेकर अब तक श्रवण कुमार जेडीयू के मुख्य सचेतक के तौर पर भी जिम्मेदारी निभाते रहे हैं.

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वोट बैंक पर नजर

नीतीश कुमार के इस फैसले के पीछे सियासी रणनीति भी देखी जा रही है. श्रवण कुमार उसी कुर्मी जाति से आते हैं जिससे खुद नीतीश कुमार ताल्लुक रखते हैं. जेडीयू विधायक दल का नेता बनाकर नीतीश ने अपने कोर वोट बैंक को यह संदेश दिया है कि पार्टी की कमान और भरोसा आज भी उनके अपने पुराने साथियों पर ही है.

First published on: Apr 21, 2026 03:40 PM

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