Kaalchakra: चंदन का तिलक सही जगह लगाने से मिलता है धन, मान-सम्मान और तरक्की, Pt. Suresh Pandey से जानें तरीका
Kaalchakra Today: सही विधि से लगाया गया चंदन तिलक मानसिक शांति, धन, मान-सम्मान और तरक्की के शुभ योग बनाता है. यह पॉजिटिव एनर्जी और कॉन्फिडेंस बढ़ाने वाला भी माना गया है. आइए Pt. Suresh Pandey से जानते हैं, चंदन तिलक लगाने के लाभ और सही जगह क्या है?
Written By: Shyamnandan|Updated: Aug 6, 2026 12:46
Edited By : Shyamnandan|Updated: Aug 6, 2026 12:46
Share :
---विज्ञापन---
Kaalchakra Today: हिन्दू धर्म में चंदन सिर्फ खुशबू वाली लकड़ी नहीं है. सनातन परंपरा में इसका खास महत्व माना गया है. पूजा की शुरुआत भी अक्सर चंदन के तिलक से होती है. पंडित सुरेश पांडेय के अनुसार, सही विधि से लगाया गया चंदन मानसिक शांति, पॉजिटिव एनर्जी, समृद्धि, समस्या समाधान और कॉन्फिडेंस बढ़ाने वाला माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इससे धन, मान-सम्मान और तरक्की के रास्ते भी मजबूत होते हैं. आइए जानते हैं, चंदन तिलक लगाने के लाभ क्या क्या हैं और इसे लगाने की सही जगह कहां है?
चंदन लगाने के फायदे
शास्त्रों में चंदन को ‘श्रीखंड’ कहा गया है. मान्यता है कि इससे मन शांत रहता है. फोकस बेहतर होता है. निगेटिविटी कम होती है. मां लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है. यही कारण है कि पूजा-पाठ और मंदिरों में चंदन का विशेष महत्व बताया गया है.
तिलक हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके लगाना शुभ माना गया है. अनामिका उंगली से तिलक लगाने से मान-सम्मान बढ़ने की मान्यता है. मध्यमा शुभ कार्यों के लिए अच्छी मानी जाती है. अंगूठे से तिलक लगाने को धन और वैभव से जोड़ा जाता है. वहीं तर्जनी उंगली से चंदन लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.
---विज्ञापन---
दिन के अनुसार चंदन का महत्व
सोमवार को सफेद चंदन मन को शांति देता है. मंगलवार और बुधवार को लाल चंदन ऊर्जा और कॉन्फिडेंस बढ़ाने वाला माना जाता है. गुरुवार को सफेद चंदन में केसर मिलाकर तिलक लगाना शुभ माना गया है. शुक्रवार, शनिवार और रविवार को लाल चंदन तनाव कम करने और मान-सम्मान बढ़ाने से जोड़ा जाता है.
ग्रह दोष और वास्तु उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहु की महादशा में नाभि और दोनों कलाई पर चंदन का इत्र लगाना शुभ माना जाता है. शनि की साढ़ेसाती में चंदन की जड़ डालकर स्नान करने की परंपरा है. मांगलिक दोष में मंगलवार को लाल चंदन का दान करने की सलाह दी जाती है. घर में वास्तु दोष हो तो चंदन के चूरे, अश्वगंधा, गोखरू और कपूर से हवन करना तथा लाल चंदन का छोटा टुकड़ा तिजोरी में रखना शुभ माना गया है.
एक पारंपरिक तरीका यह है कि चंदन की लकड़ी को हल्के से हाथ पर छूकर मुट्ठी बंद करें. फिर हाथ को सूंघें. अगर प्राकृतिक खुशबू बनी रहे, तो उसे शुद्ध चंदन माना जाता है.
---विज्ञापन---
आस्था और अनुशासन का प्रतीक
चंदन का तिलक आस्था और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि सही विधि और श्रद्धा के साथ लगाया गया चंदन मन को सुकून देता है. सकारात्मक सोच बढ़ाता है. साथ ही सुख, समृद्धि और शुभता का माध्यम भी बन सकता है.
देखें वीडियो
कालचक्र प्रोग्राम की पूरी वीडियो को आप यूट्यूब पर यहां देख सकते हैं: