1 लीटर जहर की कीमत 100 करोड़ रुपये! कोबरा से भी ज्यादा खतरनाक है इस बिच्छू का विष; क्यों है इतना महंगा?

बिच्छू के जहर को हासिल करने के लिए उन्हें हाथ से ‘मिल्क’ किया जाता है. इस प्रक्रिया में हल्के इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन की मदद से बिच्छू को उसके डंक से जहर छोड़ने के लिए उकसाया जाता है.

Bichhu

एक बिच्छू से एक बार में औसतन सिर्फ 0.006 मिलीलीटर के आसपास जहर निकाला जा सकता है. (Photo: AI)

दुनिया में कई ऐसी चीजें हैं जिनकी कीमत सोने और हीरे से भी कहीं ज्यादा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि किसी जीव का जहर करोड़ों रुपये में बिक सकता है? आपको जानकर हैरानी होगी कि डेथस्टॉकर स्कॉर्पियन का जहर किंग कोबरा से भी ज्यादा खतरनाक होता है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती है. जहर की इतनी ज्यादा कीमत होने का कारण यही है कि डेथस्टॉकर स्कॉर्पियन का विष बहुत कम मात्रा में पाया जाता है और इसे हासिल करना भी बेहद मुश्किल प्रक्रिया है.

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एक बिच्छू से कितना मिलता है जहर

उत्तरी अफ्रीका और मध्य-पूर्व के कुछ हिस्सों में पाए जाने वाले डेथस्टॉकर स्कॉर्पियन के जहर की सबसे बड़ी खासियत इसकी जटिल रासायनिक संरचना है. एक बिच्छू से एक बार में औसतन सिर्फ 0.006 मिलीलीटर के आसपास जहर निकाला जा सकता है, यानी एक गैलन जहर इकट्ठा करने के लिए लाखों बिच्छुओं की जरूरत पड़ेगी. इसके अलावा जहर निकालने, सुरक्षित रखने और रिसर्च के लिए शुद्ध रूप में तैयार करने की प्रक्रिया भी काफी कठिन है.

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कैसे निकाला जाता है डेथस्टॉकर स्कॉर्पियन का जहर?

आपको बता दें कि बिच्छू के जहर को हासिल करने के लिए उन्हें हाथ से ‘मिल्क’ किया जाता है. इस प्रक्रिया में हल्के इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन की मदद से बिच्छू को उसके डंक से जहर छोड़ने के लिए उकसाया जाता है. वैज्ञानिक और ट्रेंड वर्कर्स इस प्रक्रिया को बहुत सावधानी से पूरा करते हैं, जिससे बिच्छू को नुकसान न पहुंचे. एक बार जब जहर निकल जाता है तो उसे बेहद सावधानी से स्टोर किया जाता है, क्योंकि इसकी संरचना में मौजूद अलग-अलग प्रोटीन और पेप्टाइड रिसर्च के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं.

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ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी में मददगार हो सकता है जहर

डेथस्टॉकर के जहर को लेकर वैज्ञानिकों की दिलचस्पी इसकी जहरीली क्षमता से ज्यादा इसके मेडिकल इस्तेमाल की संभावनाओं को लेकर है. जहर में मौजूद कुछ कंपाउंड्स पर रिसर्च की गई है, जो ब्रेन ट्यूमर की कोशिकाओं को पहचानने और उन्हें सर्जरी के दौरान ‘लाइट अप’ करने में मदद कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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