Plant Vastu Tips: घर में पौधे केवल सजावट के लिए ही नहीं लगाए जाते हैं, बल्कि कई लोग इन्हें सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि के लिए भी रखते हैं. वास्तु शास्त्र में अलग-अलग पौधों के लिए अलग दिशाएं बताई गई हैं. सामान्य तौर पर पौधों को दक्षिण-पश्चिम और उत्तर दिशा में रखा जाता है. मनी प्लांट और अन्य इनडोर प्लांट को पश्चिम दिशा में नहीं रखते हैं, लेकिन एक पौधा ऐसा है, जो अमीर लोगों के घरों में अक्सर पश्चिम दिशा में रखा मिलता है.
ऐसे पौधों में ‘एलोवेरा’ का खास स्थान है. मान्यता है कि सही दिशा में रखा गया एलोवेरा घर के माहौल को बेहतर बनाने में सहायक होता है. खासकर पश्चिम दिशा को लेकर कई वास्तु विशेषज्ञ विशेष महत्व बताते हैं. यदि आप भी अपने घर में एलोवेरा लगाने की सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं इससे जुड़े वास्तु नियम क्या हैं?
पश्चिम दिशा का महत्व
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पश्चिम दिशा स्थिरता और घर के मुखिया से जुड़ी मानी जाती है. कहा जाता है कि इस दिशा में स्वस्थ एलोवेरा का पौधा रखने से करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद रहती है.
ये दिशाएं भी हैं शुभ
एलोवेरा को पूर्व दिशा में रखने को मानसिक शांति, अच्छी सेहत और सकारात्मक माहौल से जोड़ा जाता है. उत्तर दिशा में इसे आर्थिक स्थिरता और करियर की प्रगति के लिए शुभ माना गया है. वहीं, दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण में रखा गया एलोवेरा नकारात्मक ऊर्जा कम करने वाला माना जाता है.
इन दिशाओं से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, एलोवेरा को दक्षिण दिशा में रखने से बचना चाहिए. इसे पारिवारिक तनाव का कारण माना गया है. उत्तर-पश्चिम दिशा भी इस पौधे के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती है.
सही जगह रखना है जरूरी
एलोवेरा को कमरे के अंदर रखने के बजाय बालकनी, आंगन, छत या खिड़की के पास रखना बेहतर माना जाता है. पौधा हमेशा हरा-भरा और स्वस्थ रहे, इसका ध्यान रखें. यदि पौधा सूखने या पीला पड़ने लगे, तो उसे हटाकर नया पौधा लगा देना उचित माना जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.