Shivling Puja Rules: सनातन धर्म में हल्दी को बेहद शुभ माना गया है. शादी-विवाह, गृह प्रवेश या किसी भी मांगलिक पूजा में इसका विशेष महत्व है. लेकिन भगवान शिव की पूजा में एक अलग नियम बताया गया है. शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है. यह बात कई लोगों को हैरान करती है. आखिर जब हल्दी इतनी शुभ है, तो शिव पूजा में इसका प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है? आइए, शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर इसे जानते हैं कि शिवपूजा में हल्दी वर्जित क्यों है?
शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ती हल्दी?
हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग भगवान शिव के पुरुष तत्व और दिव्य चेतना का रूप है. वहीं हल्दी को स्त्री तत्व, सौभाग्य और गृहस्थ जीवन का प्रतीक माना जाता है. भगवान शिव वैराग्य और तपस्या के देवता हैं. इसलिए उनकी पूजा में जल, बेलपत्र, भस्म, धतूरा और गंगाजल जैसी वस्तुओं का विशेष महत्व बताया गया है. इसी कारण शिवलिंग के मुख्य भाग पर हल्दी अर्पित नहीं की जाती है.
जलधारी पर हल्दी लगाने का नियम
शिवलिंग के नीचे का आधार, जिसे जलधारी या पीठम कहा जाता है, माता पार्वती यानी शक्ति का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि हल्दी शिवलिंग के ऊपरी भाग पर नहीं, बल्कि जलधारी पर लगाई जा सकती है. कई परंपराओं में इसे शुभ माना गया है. इससे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आने की मान्यता है. हालांकि, लोग यहां भी हल्दी लगाने से डरते हैं.
माता पार्वती से हल्दी का संबंध
पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर पर लगे हल्दी के उबटन से भगवान गणेश की रचना की थी. इसलिए हल्दी को शक्ति, मातृत्व और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि देवी पूजा में हल्दी का विशेष महत्व है.
शिव पूजा में ये चीजें भी हैं वर्जित
हल्दी के अलावा शिवलिंग पर सिंदूर, कुमकुम, तुलसी के पत्ते, केतकी का फूल और नारियल पानी भी अर्पित नहीं किया जाता. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन सभी के पीछे अलग-अलग कारण बताए गए हैं. इसलिए शिव पूजा में जल, गंगाजल, बेलपत्र, चंदन, भस्म, धतूरा और आक के फूल जैसी भगवान शिव की प्रिय वस्तुएं ही अर्पित करना शुभ माना जाता है.
भगवान शिव को क्या अर्पित करें?
शिव पुराण और शैव परंपराओं के अनुसार, भगवान शिव को जल, गंगाजल, बेलपत्र, चंदन, भस्म, धतूरा, आक के फूल और दूध अर्पित करना शुभ माना गया है. पूजा के समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप भी विशेष फलदायी माना जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.