Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घर में कान्हा के कदमों के निशान क्यों बनाए जाते हैं? जानें इससे जुड़ी खास मान्यताएं

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घर में बनाए जाने वाले कान्हा के नन्हे कदम सभी को लुभाते हैं, लेकिन केवल सजावट या कला नहीं हैं। कहते हैं, इस निशान के सहारे बाल गोपाल कृष्ण सच्चे भक्त और साधक के घर तक चले आते हैं। आइए जानते हैं, कान्हा के इन शुभ कदमों को बनाए जाने से जुड़ी मान्यताएं क्या क्या हैं।

Janmashtami-2026

कान्हा के शुभ पदचिह्न जन्माष्टमी पर बाल गोपाल के आगमन और सुख समृद्धि के प्रतीक हैं. (फोटो क्रेडिट: AI | News24)

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Janmashtami 2026: हिन्दू धर्म में जन्माष्टमी की रात बेहद पवित्र और शुभ मानी गई है। इस रात को भगवान श्रीकृष्ण के भक्त और साधक अपने घरों बाल गोपाल के नन्हे-नन्हे खूबसूरत पांवों के निशान बनाते हैं। लेकिन आप ये नहीं जानते होंगे कि चावल के आटे, रोली, कुमकुम या हल्दी से बने ये क्यूट-क्यूट निशान सिर्फ एक आर्ट या सजावट नहीं है। हिंदी धर्म और कुंज बिहारी कृष्ण के भक्तों के लिए यह वह अटूट विश्वास है, जो मुरलीधर कृष्ण को साक्षात उनके घर तक खींच लाते हैं। आइए जानते हैं, जन्माष्टमी पर घर में कान्हा के कदमों के निशान बनाने से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं क्या हैं?

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क्यों बनाते हैं कान्हा के पड़चिन्ह

जन्माष्टमी पर कृष्ण पूजक घर के मुख्य द्वार से पूजा घर के झूले तक बाल गोपाल के नन्हे-नन्हे सुंदर कदम बनाते हैं, जो उनके स्वागत के लिए होता है और यह भाव दर्शाना होता है कि हे कान्हा, आप हमारे घर में प्रवेश करें। शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान श्रीकृष्ण के चरण कमल शुभ और दुख को समाप्त करने वाला होता है। जहां उनके कदम पड़ते हैं, वहां धन-ऐश्वर्य और खुशियां अपने आप चली आती है।

दक्षिण भारत में भी लोकप्रिय है यह रिवाज

कृष्ण चरण निर्मित करने की यह परंपरा तेलंगाना और तमिलनाडु में भी प्रचलित है। इन क्षेत्रों में इसे रिवाज को ‘कृष्णा पादालु’ और ‘कोलम’ कहा जाता है। यहां की लोकमान्यता है कि आधी रात को बाल गोपाल घरों में माखन खोज में जाते हैं, जो उनके रसोई घरों में रखे होते हैं। इन कदमों को वहां भी बेहद शुभ माना जाता है।

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कैसे बनाएं कान्हा के कदम

कान्हा के नन्हे-नन्हे कदम हमेशा घर के अंदर की ओर आते हुए ही बनाई जाती है, बाहर जाते हुए नहीं। इसे केवल चावल के सूखे आटे या उसके घोल, रोली और हल्दी से ही बनाया जाता है। बहुत इन सभी को आपस में मिक्स करके भी कदम की ड्रॉइंग करते हैं। इसके अलावा अन्य चीजों का इस्तेमाल शुभ नहीं माना गया है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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