Indira Ekadashi 2026: पितृ पक्ष में आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर इंदिरा एकादशी मनाई जाता है. पितृ पक्ष में आने वाली एकादशी पर एकादशी तिथि का श्राद्ध किया जाता है. पितरों के तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए यह दिन बेहद अच्छा होता है. एकादशी का दिन मां लक्ष्मी और विष्णु जी की पूजा के लिए अच्छा होता है. पितृ पक्ष में एकादशी तिथि की तारीख को लेकर अटकलें चल रही हैं. आइये जानते हैं कि, इंदिरा एकादशी कब है?
कब है इंदिरा एकादशी?
आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 6 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार की सुबह 2 बजकर 7 मिनट पर हो रहा है. एकादशी तिथि का समापन अगले दिन यानी 7 अक्टूबर की रात को 12 बजकर 34 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि को महत्व देते हुए 6 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. व्रत का पारण अगले दिन 7 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 14 मिनट से लेकर 7 बजकर 52 मिनट के बीच कर सकते हैं.
इंदिरा एकादशी का महत्व (Indira Ekadashi Significance)
पितृ पक्ष के दौरान पड़ने वाली इंदिरा एकादशी विष्णु भगवान की पूजा अर्चना के साथ ही पितरों के तर्पण के लिए बेहद शुभ होती है. इस दिन पितरों स्मरण, श्राद्ध और तर्पण करना शुभ होता है. इंदिरा एकादशी पर व्रत करने के साथ ही एकादशी तिथि का श्राद्ध किया जाता है. एकादशी पर पूजा-पाठ और श्राद्ध कर्म कर परिवार की खुशहाली की मांग करें.
इंदिरा एकादशी पूजा विधि (Indira Ekadashi Puja Vidhi)
इंदिरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहन लें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर चौकी लगाएं. लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें. विष्णु भगवान को फूल, फूल माला, चंदन, तिलक और अक्षत अर्पित करें. प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं. विष्णु भगवान के मंत्रों का जाप करें और आरती कर पूजा संपन्न करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.