जब ईरान के 290 यात्रियों से भरा प्लेन हवा में उड़ाया था US ने, 38 साल पहले थे आज जैसे हालात
स्ट्रेट होर्मुज को लेकर ईरान अपने स्टैंड पर कायम है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस बार हमले की डेडलाइन को हलके में लेने के मूड में नहीं है. ईरान और अमेरिका में जंग के हालात 28 साल पहले भी बने थे. अमेरिका ने विरोधी तेवर दिखते हुए 290 यात्रियों से भरे ईरान के प्लेन को हवा में ही हमला कर क्रैश कर दिया था. जानें आगे क्या हुआ?

अमेरिका और ईरान 38 साल पहले भी एक-दूसरे से टकराए थे. मौजूदा हालात 80 के दशक की वो दर्दनाक घटना की याद दिलाते हैं, जब अमेरिका ने ईरान के यात्रियों से भरे विमान को हवा में निशाना बनाया था. हमले में प्लेन में सवार सभी 290 यात्रियों की मौत हो गई थी, उस समय भी हमले का कारण स्ट्रेट होर्मुज की था.
क्या हुआ था 1988 में?
2 / 41988 में जो हुआ वो 1980 में इराक के सद्दाम हुसैन कर एक हरकत की वजह से हुआ. 1980 में ईरान पर इराक के सद्दाम हुसैन ने हमला किया तो अमेरिका हुसैन के समर्थन में खड़ा हो गया था. 8 साल तक जंग चली तो ईरान ने स्ट्रेट होर्मुज से तेल की सप्लई बाधित कर दी. 1984 में ईरान के टैंकरों पर हमला हुआ तो उसने कैसे लिया बदला?
ईरान ने किया पलटवार
3 / 4ईरान ने फारस की खाड़ी में नौसैनिक माइन माइंस बिछाई और इराकी, सऊदी और कुवैती टैंकरों पर हमला कर जवाबी कार्रवाई की. अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर फंसे टैंकरों को बचाने के लिए युद्धपोत भेजे. 14 अप्रैल, 1988 को ईरान ने अमेरिका की नौसैनिक फ्रिगेट यूएसएस सैमुअल बी . रॉबर्ट्स को बीच से तोड़ डाला.
अमेरिका ने ऐसे लिया बदला
4 / 4ऑपरेशन 'प्रेइंग मैंटिस' के साथ अमेरिका ने ईरान के हर हमले का जवाब दिया. अमेरिकी सरकार का दावा था कि US ने ईरानी नौसेना के काफी जहाजों को डुबो दिया. ईरान के दो निगरानी प्लेटफार्मों को भी अमेरिकी सेना ने निशाना बनाना.



















